चम्बा – भूषण गुरुंग
भरमौर हलके के गैर-जनजातीय क्षेत्र की ग्राम पंचायत बलोठ के 84 चला में बादल फटने से भारी सैलाब आ गया। सैलाब की चपेट में आने से एक लोहे का पुल बह गया, जबकि पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
पुल और मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण खुंडी वाली माता मंदिर दर्शनों के लिए जा रहे लगभग 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्राकृतिक आपदा में किसी तरह के जानी नुक्सान की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि इन दिनों इस मार्ग से होकर काफी संख्या में श्रद्धालु मां भगवती खुंडी वाली मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। यहां ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा डल झील में पवित्र स्नान करने की भी परंपरा है।
ऐसे में आगामी दिनों में यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालु करीब 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके मंदिर तक पहुंचते हैं। पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन के माध्यम से 84 चला में बादल फटने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही वह स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय करीब 50 श्रद्धालु क्षतिग्रस्त मार्ग के दूसरी ओर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार की और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आर-पार करवाया।
उन्होंने बताया कि सैलाब इतना तेज था कि लोहे का पुल बह गया, जबकि पैदल रास्ते को भी काफी क्षति पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त पुल और पैदल मार्ग का जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

