हिमखबर डेस्क
असम में आई भीषण बाढ़ के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के चार युवाओं ने मानवीय सेवा की मिसाल पेश की है। देवभूमि फाउंडेशन कोटलाकलां अपर के चेयरमैन प्रिंस ठाकुर के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने करीब 2600 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय कर असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों में सहयोग किया।
टीम में विशाल स्याल, गगरेट निवासी राजिंद्र कुमार और बहड़ाला निवासी दिनेश कुमार शामिल रहे। चारों युवा अपने वाहन में राहत सामग्री लेकर असम के शिवसागर क्षेत्र पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच जाकर राशन, पीने का पानी, सोलर लाइट्स और रोजमर्रा की जरूरत का सामान वितरित किया।
राहत अभियान के दौरान पंजाब की खालसा एड संस्था की टीम ने भी सहयोग किया। देवभूमि फाउंडेशन की ओर से खालसा एड पंजाब की टीम के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की राहत सेवा के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
हिमाचल से असम पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद कई लोगों ने युवाओं के प्रयास की सराहना की। कई दानी सज्जनों ने इस सेवा अभियान से प्रभावित होकर आर्थिक सहयोग भी भेजा, जिससे राहत कार्यों को और गति मिली।
देवभूमि फाउंडेशन के चेयरमैन प्रिंस ठाकुर ने बताया कि असम में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए टीम ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना ही संस्था का उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि देवभूमि फाउंडेशन इससे पहले जम्मू-कश्मीर, मंडी, चंबा और पंजाब के गुरदासपुर में भी आपदा एवं त्रासदी के दौरान राहत कार्यों में सहयोग कर चुकी है। संस्था भविष्य में भी जरूरत के समय राहत अभियानों को जारी रखेगी।
वहीं, टीम ने सरकारों से अपील की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जाए। प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री जल्द पहुंचाई जाए। टीम ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है।

