हरियाणा-हिमाचल-उत्तराखंड व चंडीगढ़ के बीच संपर्क सुगम, PM मोदी ने किया अंबाला-कालाअंब NH का लोकापर्ण

--Advertisement--

हिमख़बर डेस्क 

हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संपर्क सुगम हो गया है। साथ ही चंडीगढ़ भी लाभांवित हुआ है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिली है।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  वर्चुअल माध्यम से अंबाला-कालाअंब राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) का लोकापर्ण किया।

जिससे देहरादून से अम्बाला तक करीब ढ़ाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा। जबकि तीन घंटे के भीतर चंडीगढ़ का सफर होगा। हिमाचल में फोरलेन का कार्य पूरा होने के बाद ये दूरी 10 से 15 मिनट और घट जाएगी।

हिमाचल के सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन से अंबाला का सफर करीब 50 से 60 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

वहीं चंडीगढ़ का सफर दो घंटे में आरामदेय स्थिति में पूरा हो जाएगा। फोरलेन से चंडीगढ़, देहरादून, हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब व गुरु की नगरी पांवटा साहिब को भी फायदा होगा।

जबकि चंडीगढ़ और देहरादून की ओर यात्रा भी पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। हालांकि, पूरे कॉरिडोर का लाभ अभी मिलना बाकी है,

क्योंकि उत्तराखंड में अधिकांश कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद पांवटा साहिब से कालाअंब तक का अहम खंड अभी निर्माण शुरू होने का इंतजार कर रहा है।

करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अंबाला-कालाअंब फोरलेन परियोजना लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी।

इसके शुरू होने से यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी काफी घटेगा।

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी,

जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी पहले से अधिक आसान होगी।

बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ किसानों, बागवानों और छोटे व्यापारियों को भी मिलेगा। वे अपने उत्पाद कम समय और कम लागत में बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।

वहीं, स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से सिरमौर में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

हालांकि, अंबाला-कालाअंब-देहरादून कॉरिडोर अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। उत्तराखंड की सीमा में परियोजना का अधिकांश कार्य लगभग पूरा हो चुका है!

और पांवटा साहिब क्षेत्र में भी कुछ हिस्सों पर काम आगे बढ़ा है, लेकिन पांवटा साहिब से कालाअंब तक का करीब 45 किलोमीटर लंबा हिस्सा अभी तक निर्माण शुरू होने का इंतजार कर रहा है।

ऐसे में तीनों राज्यों के बीच निर्बाध और तेज संपर्क का सपना तभी पूरी तरह साकार होगा, जब इस शेष खंड का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंबाला-कालाअंब-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का पूरा कॉरिडोर तैयार होने के बाद हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन और अधिक आसान होगा।

इससे पर्यटन, उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा सिरमौर जिला इस विकास का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरेगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला : छह मेडिकल कॉलेज में 277 से बढाकर 597 होंगी PG सीटें

हिमख़बर डेस्क  हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा...

मंडी में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे चार नाबालिग रेस्क्यू, काउंसिलिंग के बाद परिजनों को सौंपे

हिमखबर डेस्क  मंडी जनपद के पधर क्षेत्र में लिव-इन रिलेशनशिप...

हिमाचल के युवाओं के लिए खुशखबरी! वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों की होगी भर्ती

हिमख़बर डेस्क  हिमाचल प्रदेश में जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को...