हिमखबर डेस्क
विपरीत मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले हिमाचल पुलिस के जवानों को अधिक आरामदायक वर्दी उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस मुख्यालय ने पहली बार आधुनिक लूज फिट कॉम्बैट ड्रेस (एसएफसीडी) के लिए करीब 55 हजार मीटर विशेष फैब्रिक की खरीद प्रक्रिया शुरू करते हुए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्र निर्माताओं का चयन कर पुलिस विभाग ने आगामी निविदा प्रक्रिया के लिए तकनीकी रूप से सक्षम कंपनियों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।
नई एलएफसीडी वर्दी के लिए तैयार किए जाने वाले कपड़े में 80 प्रतिशत कॉटन, 19 प्रतिशत पॉलिएस्टर और एक प्रतिशत स्पैन्डेक्स का विशेष मिश्रण होगा। इससे वर्दी अधिक आरामदायक, टिकाऊ और लचीली बनेगी। वर्दी पर हिमाचल प्रदेश पुलिस का विशेष डिसरप्टिव डिजिटल पैटर्न प्रिंट किया जाएगा, जो आधुनिक सुरक्षा बलों की तर्ज पर बेहतर उपयोगिता और पहचान सुनिश्चित करेगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ईओआई केवल उन कंपोजिट टेक्सटाइल मिलों और ओरिजिनल फैब्रिक मैन्युफैक्चरर्स (ओएफएम) से आमंत्रित की गई है, जिनके पास स्पिनिंग, वीविंग, डाइंग, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग और फिनिशिंग की सभी इन-हाउस सुविधाएं उपलब्ध हों। इच्छुक कंपनियां 25 जुलाई को दोपहर एक बजे तक पुलिस महानिदेशक कार्यालय, शिमला में अपने आवेदन जमा कर सकेंगी।
ईओआई के साथ कंपनियों को चार-चार मीटर के दो समान फैब्रिक सैंपल नि:शुल्क उपलब्ध कराने होंगे। पुलिस की मूल्यांकन समिति दस्तावेजों की जांच, तकनीकी और वित्तीय पात्रता, फैब्रिक सैंपल की गुणवत्ता, अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण तथा आवश्यकता पड़ने पर निर्माण इकाई के निरीक्षण के आधार पर कंपनियों का चयन करेगी।
गलत जानकारी, अधूरे दस्तावेज, प्रयोगशाला परीक्षण में असफल सैंपल, निर्धारित रंग मानकों से विचलन या खराब प्रदर्शन का रिकॉर्ड मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ईओआई 180 दिनों तक वैध रहेगी।
विभाग को किसी भी आवेदन को स्वीकार या अस्वीकार करने, स्पष्टीकरण मांगने, स्वतंत्र परीक्षण कराने, फैक्टरी निरीक्षण करने तथा निविदा जारी होने से पहले तकनीकी विनिर्देशों में आवश्यक संशोधन करने का अधिकार रहेगा।
यह पहल हिमाचल पुलिस के आधुनिकीकरण के साथ-साथ जवानों को मौसम और कठिन ड्यूटी परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

