सरकार ने बदले बीपीएल चयन के मानदंड, इन परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता

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हिमखबर डेस्क

प्रदेश सरकार ने बीपीएल परिवारों के चयन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जरूरतमंदों के हित में बनाने के लिए पात्रता और अपात्रता के मानदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

वहीं आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर रखने का फैसला किया गया है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंच सके। सरकार द्वारा जारी नए प्रावधानों के अनुसार, ऐसे परिवार जिनके मुखिया में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता है, उन्हें बीपीएल सूची में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा वे परिवार भी पात्र होंगे, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कम से कम एक दिन रोजगार प्राप्त किया हो।

सरकार का मानना है कि मनरेगा पर निर्भर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उन परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा, जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त होकर स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो गए हैं।

ऐसे परिवार, जिनके कमाने वाले सदस्य किसी दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने के कारण स्थायी रूप से बिस्तर पर हैं या पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं, उन्हें भी पात्र माना जाएगा। इसके अलावा भूमिहीन परिवारों को भी बीपीएल चयन के दायरे में शामिल किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को बीपीएल सूची का लाभ नहीं मिलेगा। इसके तहत आयकर देने वाले परिवार स्वत: अपात्र माने जाएंगे। जिन परिवारों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें भी बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

इसी तरह एक हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि रखने वाले परिवार भी इस श्रेणी से बाहर रहेंगे। यदि किसी परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी या निजी क्षेत्र में नियमित नौकरी कर रहा है, तो ऐसा परिवार भी बीपीएल सूची के लिए पात्र नहीं होगा।

सरकार का कहना है कि इन नए मानदंडों का उद्देश्य बीपीएल सूची में केवल वास्तविक जरूरतमंद और वंचित परिवारों को शामिल करना है। लंबे समय से अपात्र परिवारों के सूची में बने रहने और पात्र परिवारों के वंचित रहने की शिकायतें मिल रही थीं।

नए नियमों के लागू होने से पात्रता की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा। चयन प्रक्रिया के दौरान पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर पात्र परिवारों का अंतिम चयन किया जाएगा।

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