सीबीएसई स्कूलों को जुलाई में मिलेंगे शिक्षक, मुख्यमंत्री सुक्खू ने अध्यापकों की नियुक्ति को तय की डेडलाइन

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने अध्यापकों की नियुक्ति को तय की डेडलाइन, 6084 चयनित शिक्षकों को तैनाती का इंतजार

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में जुलाई माह में शिक्षकों की नियुक्ति हो जाएगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई समयसीमा तय कर दी है। कसौली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शुरू किए गए 150 सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी और गणित विषय के शिक्षक पहले ही तैनात किए जा चुके हैं।

जबकि जुलाई माह तक अन्य शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी या नहीं, इस संबंध में सरकार द्वारा गठित कैबिनेट सब-कमेटी निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षकों और विद्यार्थियों के अभिभावकों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं।

प्रदेश सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से 158 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया था। इनमें से 147 स्कूलों को ही एनसीईआरटी से अभी तक मान्यता मिली है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में प्रदेशभर के 9821 शिक्षकों ने भाग लिया था।

परीक्षा परिणाम के बाद 6084 शिक्षक मेरिट सूची में स्थान बनाने में सफल रहे। शिक्षा विभाग ने मेरिट और शिक्षकों द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर काउंसिलिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया।

सब-कमेटी की बैठक का इंतजार

अब चयनित शिक्षकों को कैबिनेट सब-कमेटी की अगली बैठक का इंतजार है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सरकार के सामने चयनित शिक्षकों की नई तैनाती और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के संभावित तबादलों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। इसी कारण सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

अस्पतालों में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों में वही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में थ्री टेस्ला एमआरआई और अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है और लगभग 200 मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित कर दी जाएंगी। इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।

विनोद सुल्तानपुरी भी बन सकते हैं सीएम

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र में कहा कि यहां के विधायक विनोद सुल्तानपुरी भी सीएम बन सकते हैं। बशर्ते यहां की जनता उन्हें राजनीतिक रूप से जिंदा रखे।

उन्होंने कहा कि मुझे मेरे निर्वाचन क्षेत्र नादौन के लोगों ने हमेशा साथ देकर विधायक बनाया तथा आज मैं इस कुर्सी पर बैठा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक विनोद सुल्तानपुरी यदि अच्छी तरह चलेंगे, तो वह भी इस कुर्सी पर बैठ सकते हैं।

उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि विनोद रूपी पौधे को सींचते रहें, क्योंकि यह युवा हैं तथा इनका लंबा राजनीतिक भविष्य है। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा को यहां 15 वर्षों तक सींच गया तथा अब उनका खेल खत्म हो चुका है।

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