हिमखबर डेस्क
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएसई) ने घोषणा की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए जहाजों के अनुरोधों पर तेजी से कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। यह कदम ईरान और अमरीका के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौते के उद्देश्यों को पूरा करने के तहत उठाया गया है।
एसएनएसई ने यह घोषणा ईरानी मीडिया की ओर से जारी एक बयान में की है। यह बयान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के कुछ घंटे बाद आया है।
परिषद ने कहा कि इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने का अनुरोध करने वाले जहाजों से 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसका पूरा खर्च ईरान सरकार उठाएगी।
बयान में कहा गया है कि इस जलमार्ग से गुजरने के इच्छुक जहाजों को अपने अनुरोध ‘फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण’ (पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी) को भेजने होंगे। परिषद ने कहा कि विशेष परिस्थितियों और मार्ग में कुछ सुरक्षा खतरों को देखते हुए तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और समुद्री दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जहाजों का घोषित मार्ग और घोषित समय पर ही गुजरना आवश्यक है।
इसके साथ ही परिषद ने भरोसा दिलाया कि इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ेगी। संस्था ने कहा कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने के प्रशासनिक प्रबंधों और तकनीकी विवरणों की घोषणा ‘फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण’ के माध्यम से की जाएगी।
ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान ने सोमवार तडक़े लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से इस समझौते को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। श्री पेज़ेशकियन और श्री ट्रंप ने गुरुवार तडक़े इलेक्ट्रॉनिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

