‘काल’ के ढाल बनकर खड़ी हो गई 12 वर्षीय की बिटिया, मां और नन्हें भाई की बचाई जान, हर कोई कर रहा तारीफ

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हिमखबर डेस्क

कभी-कभी जीवन में ऐसे क्षण सामने आते हैं जो यह साबित कर देते हैं कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में शिमला-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित एक मार्मिक घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया है।

अपनी माँ और मात्र एक वर्षीय छोटे भाई की जान बचाने के लिए 12 वर्षीय एक नन्ही बच्ची ने जिस बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया, उसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से हो रही है।

घटना उस समय घटित हुई ज़ब एक व्यक्ति अपने परिवार सहित कार को एनएच के एक ओर सड़क के बाहर खड़ाकर कुछ सामान खरीदने के लिए गया था। इस दौरान एख कार अचानक स्वयं ही आगे की ओर स्पीड पकडकर जाने लगी। घटना 15 जून की सांयकाल लगभग छह बजे की बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे खड़ी एक कार अचानक अनियंत्रित होकर चलने लगी और ढलान की ओर बढ़ने लगी। उस समय कार के समीप ही एक महिला अपने एक वर्षीय बच्चे के साथ मौजूद थी।

अचानक सामने आई इस खतरनाक स्थिति को देखकर वहाँ मौजूद 12 वर्षीय बच्ची ने बिना अपनी जान की परवाह किए दौड़ लगाई और कार को रोकने का प्रयास करने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बच्ची ने अपनी माँ और छोटे भाई को खतरे में देखकर पलभर भी देर नहीं की। उसने साहस का परिचय देते हुए चलती हुई कार की ओर दौड़ लगाई और उसे नियंत्रित करने की कोशिश की।

इस दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर भी घटना पर पड़ी और वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। कई लोगों ने मिलकर कार पर काबू पाया, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया और माँ, बच्चा तथा अन्य लोग सुरक्षित बच गए।

यदि समय रहते बच्ची ने हिम्मत नहीं दिखाई होती और स्थानीय लोगों ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बच्ची की बहादुरी की जमकर सराहना की और उसे साहस की मिसाल बताया।

वीडियो जनता के बीच चर्चा का विषय बना

पूरा घटनाक्रम समीप स्थित एक व्यापारिक प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किस तरह अचानक कार आगे बढ़ती है और बच्ची बिना घबराए उसे रोकने के लिए दौड़ पड़ती है।

यही वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर तेजी से वायरल हो रहा है तथा लोग मासूम बच्ची के साहस, ममता और जिम्मेदारी की भावना को सलाम कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में जिस प्रकार बच्ची ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

इस घटना ने यह भी साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में साहस, सतर्कता और मानवता मिलकर किसी भी बड़े हादसे को टाल सकते हैं। फिलहाल यह वीडियो आम जनता के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। हर कोई उस बेटी परी की बहादुरी को नमन कर रहा है।

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