प्रदेश में स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में तब्दील करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड ने की है यह व्यवस्था, प्रीपेड उपभोक्ताओं को एनर्जी चार्जिज पर डेढ़ प्रतिशत की छूट का भी है प्रावधान
हिमखबर डेस्क
प्रदेश में प्रीपेड बिजली मीटर की सुविधा लेने वाले उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी फीस जमा नहीं करवानी होगी। जबकि जबकि एनर्जी चार्जिज में भी डेढ़ प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। हांलाकि सीएम के आदेशों के बाद सरकारी कार्यालयों में ही बिजली व्यवस्था को प्री-पेड के रूप में अपनाया है।
लिहाजा सरकारी स्तर पर इसको लेकर शुरूआती तौर पर व्यवस्था के बाद जल्द बोर्ड बड़े पैमाने पर घरेलू व अन्य कैटेगिरी के उपभोक्ताओं को प्रीपेड के लिए प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र की आरडीएसएस योजना के तहत राज्य में परंपरागत मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम चला रखी है।
राज्य में अब तक दस लाख से अधिक स्मार्ट मीटर बिजली बोर्ड स्थापित कर चुका है। जबकि अभी भी राज्य में यह प्रक्रिया चली हुई है। प्रदेश में 29 लाख के करीब बिजली उपभोक्ता है। हालांकि स्मार्ट मीटर लगाने की चल रही मुहिम के बीच बिजली बोर्ड को राज्य के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं के विरोध का सामना भी करना पड़ा है।
चंूकि स्मार्ट मीटर को लेकर कई प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थी और सोशल मीडिया पर भी तरह तरह की चर्चाएं रही। लेकिन बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर अभियान चलाए।
वहीं उनकी शंकाओं को दूर करने के लिए स्मार्ट मीटर के साथ अतिरिक्त चैक मीटर लगाने की सुविधा भी प्रदान कर रखी है। बहरहाल बिजली बोर्ड की तरफ से प्रीपेड मीटर के लिए सिक्योरटी फीस की बाध्यता न होने और एनर्जी चार्जिज पर डेढ़ प्रतिशत की छूट उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगी।
राज्य बिजली बोर्ड के बोल
उधर, राज्य बिजली बोर्ड का कहना है कि अभी तक प्रदेश में सरकारी कार्यालयों को ही प्री पेड मीटर व्यवस्था के साथ जोड़ा गया है। बोर्ड का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में तब्दील करना उनकी इच्छा पर निर्भर है।
उनका कहना है कि फिलहाल बोर्ड सरकारी स्तर पर इस व्यवस्था को बना इसका आकलन भी कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या पेश ना आए।

