हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में ग्राम पंचायत भडियाड़ा की नवनिर्वाचित प्रधान आंचल कुमारी हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहीं।
अपनी माटी और संस्कृति से गहरा जुड़ाव दिखाते हुए युवा प्रधान आंचल गद्दी जनजाति की पारंपरिक पोशाक ‘लुआंचड़ी’ पहनकर शपथ लेने पहुंचीं। उनकी इस सादगी और सांस्कृतिक प्रेम ने पंडाल में मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
आंचल कुमारी सिर्फ अपनी संस्कृति ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा का भी एक बेहतरीन उदाहरण हैं। बीए और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकीं आंचल पूर्व में एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
शपथ ग्रहण के इस खास मौके पर पारंपरिक परिधान पहनने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
भडियाड़ा को आदर्श पंचायत और नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प
पद और गोपनीयता की शपथ लेने के तुरंत बाद युवा प्रधान आंचल कुमारी ने ग्राम पंचायत भडियाड़ा को एक आदर्श पंचायत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि पंचायत को बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या से निजात दिलाना उनका पहला लक्ष्य होगा।
इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाकर पूरे इलाके को पूरी तरह से नशामुक्त बनाना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। गांव के युवाओं के भविष्य को संवारने और उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए आंचल कुमारी ने एक बड़ी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पंचायत के युवाओं की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भडियाड़ा में प्रदेश की नंबर वन डिजिटल मॉडल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इससे ग्रामीण बच्चों को शहरों जैसी बेहतरीन सुविधाएं अपने गांव में ही मिल सकेंगी।
आंचल ने अपनी इस शानदार जीत का पूरा श्रेय भडियाड़ा पंचायत की जनता को दिया। उन्होंने ग्रामीणों का आभार जताते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि पंचायत के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उनका लक्ष्य होगा कि सरकार की हर कल्याणकारी योजना का लाभ पंचायत के हर घर और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए।

