हिमखबर डेस्क
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करने की बजाय अब हिमाचल के कई छात्र पढ़ाई के दौरान ही कामकाज की दुनिया से जुड़ सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 27 सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ उद्योगों और संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी पाने की संभावनाएं बढ़ सकेंगी।
उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. हरीश कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार बी.कॉम के तहत ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और मानव संसाधन संचालन जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कार्यक्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को समझने का अवसर भी मिलेगा।
शिमला, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी के कॉलेजों में ये कोर्स
शिमला जिले के राजकीय महाविद्यालय चौड़ा मैदान में रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में ई-कॉमर्स और मानव संसाधन संचालन, राजकीय महाविद्यालय ठियोग में ई-कॉमर्स, राजकीय महाविद्यालय रामपुर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा, राजकीय महाविद्यालय संजौली और सरस्वती नगर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा के कोर्स शुरू होंगे।
हमीरपुर जिले के राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा तथा ई-कॉमर्स, राजकीय महाविद्यालय बरसर में लॉजिस्टिक्स और राजकीय महाविद्यालय भोरंज में रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। बिलासपुर जिले के राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और मानव संसाधन संचालन, जबकि राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में ई-कॉमर्स का कोर्स शुरू होगा।
मंडी जिले के राजकीय महाविद्यालय मंडी में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा, राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट में लॉजिस्टिक्स, राजकीय महाविद्यालय जोगिंद्रनगर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट, जबकि राजकीय महाविद्यालय करसोग में ई-कॉमर्स का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
सोलन, ऊना, कुल्लू और सिरमौर में भी नए विकल्प
सोलन जिले के राजकीय महाविद्यालय अर्की और नालागढ़ में लॉजिस्टिक्स का कोर्स शुरू होगा। ऊना जिले के राजकीय महाविद्यालय ऊना में रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स दोनों पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।
कुल्लू जिले के राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा का कोर्स शुरू किया जाएगा। वहीं सिरमौर जिले के राजकीय महाविद्यालय नाहन में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट दोनों पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इन पाठ्यक्रमों को ऐसे क्षेत्रों से जोड़ा गया है जहां रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों को स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार पाने में मदद मिलेगी।
कांगड़ा, चंबा और सेंट बेड्स कॉलेज भी योजना में शामिल
कांगड़ा जिले के राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में लॉजिस्टिक्स, धलियारा में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा, नगरोटा बगवां में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और लॉजिस्टिक्स, पालमपुर में रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट तथा धर्मशाला में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा और मानव संसाधन संचालन के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
चंबा जिले के राजकीय महाविद्यालय चंबा में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा का पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके अलावा शिमला स्थित सेंट बेड्स महाविद्यालय में भी बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा का कोर्स शुरू किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अनुसार एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम का मकसद छात्रों को डिग्री के साथ ऐसा अनुभव देना है, जिससे वे पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद रोजगार के लिए अधिक सक्षम और तैयार हों।

