हिमखबर डेस्क
हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने प्रदेश भर में खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर या उस पर परोसने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई है। परिषद ने इसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए तत्काल इस प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जेल भी शामिल है।
परिषद के अध्यक्ष जोगेंद्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने संयुक्त बयान में कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, खाद्य सामग्री को अखबार में रखना या लपेटना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह कानूनन अपराध है और इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि अखबारों में इस्तेमाल होने वाले कागज में विभिन्न प्रकार के रसायन और प्रिंटिंग इंक होते हैं। जब गर्म खाद्य पदार्थ, जैसे समोसे, पकौड़े या जलेबी, इनके संपर्क में आते हैं, तो ये हानिकारक रसायन भोजन में मिल जाते हैं।
इसके सेवन से पेट संबंधी संक्रमण, पाचन तंत्र की बीमारियां, लीवर और किडनी को नुकसान जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे दूषित भोजन का सेवन घातक बीमारियों को भी न्योता दे सकता है।
उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से प्रदेश भर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, हलवाइयों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उपभोक्ताओं से भी अपील
परिषद ने उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वे अखबार में परोसे या लपेटे गए खाद्य पदार्थों को स्वीकार न करें। साथ ही, उन्हें खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहने और अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सचेत रहने की अपील की गई है।

