हिमखबर डेस्क
हिमाचल में सोमवार को कांगड़ा जिला को छोड़ शेष 11 जिलों में पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों ने सोमवार को शपथ ले ली। हर जिला में कैबिनेट मंत्री या स्पीकर की अध्यक्षता में ये समारोह हुए। लाहुल में चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया को भेजा गया था।
नई बात यह रही कि शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित समारोह में शपथ के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की डयूटी लगी थी, लेकिन शिमला में होने के कारण मुख्यमंत्री सुक्खू भी कार्यक्रम में पहुंचे और नशा मुक्ति की ओथ दिलाई।
सोमवार को लगभग 2908 पंचायतों के नवनिर्विचत प्रधान और उपप्रधानों को पद एवं गोनीयता की शपथ दिलाई गई। इसी के साथ पंचायतों में लगभग साढ़े चार महीने से तैनात प्रशासन पंचातयों से हट गए हैं।
नवनिर्वाचित प्रधान और उपप्रधान कल से अपना पदभार संभालेंगे। शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शपथ दिलाई, जबकि अन्य जिलों में विधानसभा अध्यक्ष और दूसरे मंत्रियों ने ओथ दिलाई।
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को छोडक़र अन्य सभी की ड्यूटी लगाई गई थी। विक्रमादित्य सिंह निजी व्यस्तता के कारण उपलब्ध नहीं थे। चंबा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ऊना में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, सोलन में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, कुल्लू व लाहुल-स्पीति के निर्वाचित प्रधानों व उपप्रधानों को शपथ लगाने की कृषि मंत्री चंद्र कुमार की लगाई गई थी।
सिरमौर में इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मंडी में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने शपथ दिलाई।
कांगड़ा में इसलिए टला कार्यक्रम
प्रधान-उपप्रधान की शपथ के लिए इसी तरह के कार्यक्रम कांगड़ा को छोडक़र अन्य सभी जिलों में भी किए गए। कांगड़ा जिला के प्रधान व उप प्रधान को सीएम सुक्खू 18 जून को शपथ दिलाएंगे, क्योंकि सीएम का आज दिल्ली दौरा प्रस्तावित है। इसलिए, कांगड़ा का शपथ ग्रहण समारोह तीन दिन बाद रखा गया है।
27 जून को पंचायतों की पहली बैठक
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को आयोजित होगी। इसी दिन से प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों को मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। वार्ड पंचों को पहली बैठक में प्रधान द्वारा शपथ दिलाई जाएगी।
पंचायत प्रधान-उप प्रधानों की शपथ के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में रुके विकास कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को बजट भी जारी हो जाएगा।

