हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए एचआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा अब हिम बस कार्ड से जुड़ गई है। ऐसे में जिन विद्यार्थियों ने हिम बस कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें अब बसों में अन्य यात्रियों की तरह पूरा किराया चुकाना होगा।
निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि बिना हिम बस कार्ड या वैध स्कूल पास के किसी भी विद्यार्थी को मुफ्त यात्रा सुविधा नहीं मिलेगी। हिम बस कार्ड बनवाने के लिए विद्यार्थियों को 236 रुपये शुल्क जमा करवाना होगा।
इसके बाद ही उन्हें एचआरटीसी बसों में निर्धारित नियमों के तहत निशुल्क यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों के मुकाबले अब तक केवल 12,502 छात्रों ने ही हिम बस कार्ड बनवाया है, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी मुफ्त यात्रा सुविधा से वंचित हो सकते हैं।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 7.05 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की है जो रोजाना एचआरटीसी बसों से स्कूल आते-जाते हैं। खासकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में पढऩे वाले विद्यार्थियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
हिम बस कार्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान कई जिलों के सरकारी स्कूल अभी तक एचआरटीसी के पोर्टल पर अपडेट नहीं हुए हैं। इसके कारण विद्यार्थियों को आवेदन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
निगम अधिकारियों के अनुसार जिन स्कूलों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, उनके प्रधानाचार्यों से विवरण प्राप्त किया जा रहा है। जानकारी मिलते ही संबंधित स्कूलों को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को पास बनाने में कोई परेशानी न हो।
अभिभावक बरतें सतर्कता
एचआरटीसी अधिकारियों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से जल्द से जल्द हिम बस कार्ड बनवाने की अपील की है। यदि कोई विद्यार्थी बिना हिम बस कार्ड के बस में सफर करता है तो उसे पूरा किराया देना पड़ेगा। ऐसे में मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए हिम बस कार्ड बनवाना अब अनिवार्य हो गया है।

