हिमाचल के कमला नेहरू अस्पताल में इलाज करवाना हुआ महंगा, सुक्खू सरकार ने बढ़ाए रेट

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने आम जनता को झटका दिया है। प्रदेश के सबसे बड़े मातृ शिशु अस्पताल कमला नेहरू में इलाज महंगा हो गया है और मरीजों के लिए नई दरें लागू कर दी गई है और इसमें भारी भरकम बढ़ोतरी की।

जानकारी के अनुसार, शिमला के कमला नेहरू राज्य अस्पताल मातृ एवं शिशु, शिमला में रोगी कल्याण समिति की ओर से विभिन्न सेवाओं के लिए नई यूजर चार्ज दरें लागू कर दी गई हैं।

यह निर्णय समिति की बैठक में स्वीकृति के बाद लिया गया है और आदेश 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है।आदेश के अनुसार अस्पताल में पंजीकरण के समय सभी मरीजों से ₹10 की परामर्श शुल्क ली जाएगी। वहीं विभिन्न वार्डों और सुविधाओं के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।

वार्ड और कमरे के शुल्क

  • स्पेशल वार्ड (शेयरिंग): ₹1000
  • स्पेशल वार्ड (सिंगल): ₹2000
  • वीआईपी रूम: ₹3000
  • डाइट चार्ज: जनरल वार्ड ₹50, प्राइवेट वार्ड ₹100 प्रति दिन
  • आईसीयू: ₹220 (जनरल), ₹440 (प्राइवेट)

ऑपरेशन और चिकित्सा शुल्क

  • मेजर ऑपरेशन: ₹550 (जनरल), ₹2200 (प्राइवेट)
  • एनेस्थीसिया चार्ज: ₹250 (जनरल), ₹500 (प्राइवेट)
  • माइनर ओटी प्रक्रिया: ₹100 (जनरल), ₹300 (प्राइवेट)

मेडिकल जांच से संबंधित शुल्क

  • मेडिकल बोर्ड जांच: ₹2500
  • मेडिकल फिटनेस (7 दिन तक): ₹300 (जनरल), ₹500 (प्राइवेट)
  • मेडिकल फिटनेस (7 दिन से अधिक): ₹500 (जनरल), ₹1000 (प्राइवेट)
  • ड्राइविंग/अन्य लाइसेंस के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट: ₹500
  • नौकरी के लिए मेडिकल जांच: ₹500
  • जांच शुल्कः ईसीजी: ₹50 (जनरल), ₹100 (प्राइवेट)
  • अल्ट्रासाउंड: ₹250 (जनरल), ₹500 (प्राइवेट)
  • बेड चार्ज: ₹50 (जनरल), प्राइवेट के लिए लागू नहीं.

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन नई दरों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित करना और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट एवं सदस्य सचिव, रोगी कल्याण समिति ने सभी संबंधित विभागों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अहम बात है कि बेहोश करने क लिए पहले फीस 250 रुपये थी, उसे 500 कर दिया गया है।

अस्पताल में शुल्क की सरकार का तांडव

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अस्पतालों में बेड के दाम बढ़ा दिए गए हैं। मरीजों को मिलने वाली रोटी से लेकर अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, मेजर ऑपरेशन, आईसीयू, एनेस्थीसिया, माइनर प्रोसीजर, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और मेडिकल एग्जामिनेशन तक सभी सेवाओं के शुल्क में भारी वृद्धि की गई है। सरकार की ओर से लगाया जा रहा यह मनमाना शुल्क पूरे प्रदेश में तांडव मचा रहा है। “सुख की सरकार” के नाम पर प्रदेश में “शुल्क की सरकार” चलाई जा रही है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

बीमारी से परेशान CISF के सेवानिवृत्त SI ने उठाया खौफनाक कदम, परिवार में मची चीख-पुकार

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के थाना क्षेत्र...

नशा मुक्त युवा प्रतियोगिता में डाइट धर्मशाला का जलवा, प्रशिक्षुओं ने बिखेरा प्रतिभा का परचम!

हिमखबर डेस्क मेरा भारत केंद्र द्वारा "नशा मुक्त युवा" अभियान...

दोपहर को कॉलेज से निकले, फिर लौटे नहीं, ब्यास किनारे मिले 2 छात्रों के बैग, सर्च ऑपरेशन जारी

हिमखबर डेस्क देहरा में सोमवार दोपहर घटी एक रहस्यमय घटना ने...