हिमखबर डेस्क
सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लगातार हो रही देरी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जल शक्ति विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी शिकायत को अधिकतम 100 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय निर्देशों के अनुसार 30 दिनों से अधिक समय तक लंबित रहने वाली शिकायतों को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक स्तर पर शिकायतों की नियमित मॉनीटरिंग हो और लंबित मामलों की समीक्षा की जाए।
जल शक्ति विभाग ने यह कदम सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के समाधान में आ रही ढिलाई के बाद उठाया है। कई मामलों में शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहने और समय पर कार्रवाई न होने की शिकायतें सामने आई थीं।
जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग का मानना है कि इससे शिकायत निवारण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और लोगों को समयबद्ध राहत मिल सकेगी।

