हिमाचल में बसेंगे 3 नए स्मार्ट शहर, साइबर मित्रों की होगी भर्ती; जानें CM सुक्खू के बजट की बड़ी घोषणाएं

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हिमखबर डेस्क 

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश के आधुनिकीकरण, शहरीकरण और युवाओं पर बड़ा जोर दिया गया है। इस बजट का सबसे बड़ा आकर्षण राज्य में तीन नए शहर बसाने की घोषणा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलन जिले के बद्दी स्थित सुल्तानपुर इलाके में चंडीगढ़ से सटे क्षेत्र में हिम चंडीगढ़ टाऊनशिप विकसित की जाएगी। इसी तर्ज पर सिरमौर जिले में मोरनी हिल्स के समीप हिम पंचकूला टाऊनशिप बसाई जाएगी।

इसके अलावा कांगड़ा के धौलाधार क्षेत्र में भी एक अत्याधुनिक टाऊनशिप स्थापित करने की योजना है। ये तीनों टाऊनशिप लगभग 10-10 हजार बीघा भूमि पर विकसित की जाएंगी।

सरकार का मुख्य उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ता दबाव कम करना और नए विकास केंद्र स्थापित कर प्रदेश में संतुलित आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

शिमला में खुलेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सैंटर

बढ़ते डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने और भविष्य की तकनीक को अपनाने के लिए भी बजट में अहम कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में साइबर मित्र के नए पद भरने की बड़ी घोषणा की है।

साथ ही, बच्चों को बचपन से ही डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा को अब स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, तकनीकी युग में कदमताल करते हुए राजधानी शिमला में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए सैंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का भी शानदार ऐलान किया गया है।

हिम स्टार्टअप स्कीम होगी शुरू, 10 हजार युवाओं मिलेगा प्रशिक्षण 

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने एमएसएमई (MSME) क्षेत्र पर फोकस करते हुए हिम स्टार्टअप स्कीम शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत राज्य के 10 हजार हिमाचली युवाओं को विशेष औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

राज्य के औद्योगिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ और आकर्षक बनाने के लिए जल्द ही एक नई उद्योग नीति भी तैयार की जाएगी।

वहीं, प्रदेश में बढ़ते नशे के खिलाफ ‘एंटी-चिट्टा’ अभियान को अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग को इस लड़ाई से जोड़ा जा सके।

तीन नई रोपवे परियोजनाएं शुरू की जाएंगी

प्रदेश में पर्यटन को नई उड़ान देने और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन नई रोपवे परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। ये अत्याधुनिक रोपवे बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी और कुल्लू-ढालपुर मार्ग पर स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा, ग्रामीण आर्थिकी और किसानों की आय बढ़ाने के लिए रेशम उत्पादन पर भी विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री ने बजट में प्रतिवर्ष 2 करोड़ रुपए के विशेष प्रावधान के साथ ‘हिम सिल्क योजना’ शुरू करने की घोषणा की है, जिससे प्रदेश में रेशम उत्पादन को एक नई दिशा मिलेगी।

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