हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के दौलतपुर चौक में वन विभाग की टीम ने लकड़ी तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने रविवार सुबह मुस्तैदी दिखाते हुए पंजाब जा रहे लकड़ी से लदे 15 वाहनों को जब्त किया है। इन वाहनों के चालकों के पास लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। वन विभाग की इस कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग खंड दौलतपुर चौक के बीओ संजीव बीटन की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में वन रक्षक राकेश कुमार, दविंद्र कुमार और अजय कुमार शामिल थे। टीम ने रविवार सुबह चलेट क्षेत्र में नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान सुबह करीब 6 बजे लकड़ी से लदे कई वाहन आते दिखाई दिए। जांच के दौरान चलेट, मरवाड़ी और सुरंगद्वारी के अलग-अलग मार्गों से गुजर रहे कुल 15 वाहनों को काबू किया गया।
विभागीय जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी 15 वाहन जिला कांगड़ा से संबंधित हैं और वे हिमाचल से लकड़ी लेकर पंजाब जा रहे थे। जब वन विभाग की टीम ने चालकों से लकड़ी और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो कोई भी चालक मौके पर कागज प्रस्तुत नहीं कर सका।
जब्त किए गए कुछ वाहनों में बांस लदा होने की पुष्टि हुई है। बीओ संजीव बीटन ने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनों को वन विभाग के घंडावाल डिपो में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि इन गाड़ियों में किस प्रजाति की लकड़ी है और इसे अवैध रूप से कहां से काटा गया था।
डीएफओ ऊना सुशील कुमार के बोल
इस मामले की पुष्टि करते हुए डीएफओ ऊना सुशील कुमार ने बताया कि 15 वाहनों को बिना दस्तावेजों के पकड़ा गया है। वन विभाग अपने स्तर पर मामले की गहनता से जांच कर रहा है कि लकड़ी का कटान कहां से हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

