प्रधानमंत्री के दौरे के बीच हिमाचल के दो अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी, 300 मरीज बाहर निकाले गए

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हिमखबर डेस्क

धमकी कहीं और के लिए भेजी थी, लेकिन हड़कंप कहीं और मच गया। जांच में यह खुलासा हुआ है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को बम से उड़ाने की जो धमकी मिली है।

उसकी प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह धमकी यहां के लिए नहीं बल्कि तमिलनाडु के सीएम ऑफिस और वहां के एक मेडिकल कॉलेज के लिए दी गई है। ऐसे में गलती से यह धमकी भरा ईमेल मंडी पुलिस, अस्पताल प्रबंधन और एसडीएम बल्ह को भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार, यह ईमेल मेडिकल कॉलेज नेरचौक की अधिकारिक ईमेल आईडी पर रिसीव हुई, जिस कारण यहां हडकम्प मच गया और एहतिआत के तौर पर परिसर को खाली करवा दिया गया। धमकी भरे इस ईमेल की एक कॉपी एसपी मंडी और एसएचओ सदर की ईमेल आइडी पर भी प्राप्त हुई है।

इसके चलते ही पुलिस और प्रशासन ने एहतिआत के तौर पर सभी प्रभावी कदम उठाकर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अस्पताल को खाली करवाकर पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमें भी मौके पर पहुंच गई और कॉलेज व अस्पताल परिसर में जांच शुरू कर दी गई।

तमिलनाडु के सीएम ऑफिस और मेडिकल कॉलेज को दी गई है धमकी

जो ईमेल भेजी गई है, उसे अन्ना यूनिवर्सिटी के छात्रों और पूर्व छात्रों के नाम से जारी किया गया है। इसमें तमिलनाडु के आरजीजीईसी मेडिकल कॉलेज और सीएम सचिवालय में बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में लिखा गया है कि पहले कॉलेज में और फिर 45 मिनट के अंदर सीएम ऑफिस में विस्फोटक उपकरण लगाए जाएंगे।

इसमें मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज का नाम कहीं पर भी नहीं लिखा है। ईमेल में धमकी के अलावा, दलालों, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, और अनाथ आश्रम के बच्चों का भी जिक्र है।

बम की धमकी मिलते मची अफरा-तफरी

कॉलेज प्राचार्य को ई-मेल के जरिये अस्पताल परिसर को उड़ाने की धमकी मिली। सुबह ई-मेल की जानकारी मिलते ही मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल परिसर को खाली करवा दिया गया। प्रशासन व पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई है।

मंगलवार सुबह जब प्राचार्य डीके वर्मा कालेज पहुंचे तो उन्होंने अपनी ई-मेल में धमकी भरी मेल देखी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। एहतियात के तौर पर तुरंत प्रभाव से कालेज को खाली करवाने की प्रक्रिया आरंभ की गई है।

पार्किंग में खड़े वाहन भी बाहर निकाले

नेरचौक मेडिकल काॅलेज चार मंजिला भवन पूरी तरह से बंद है। इसकी तलाशी के लिए पुलिस, क्यूआरटी, दमकल विभाग के साथ-साथ अन्य जवान भी तैनात हैं और स्नीफर डाॅग की मदद भी ली जा रही है। अस्पताल परिसर व पार्किंग में खड़े वाहनों को भी बाहर निकाल दिया गया है। मरीजों को भी तलाशी अभियान पूरा होने तक अस्पताल के बाहर ही रहेगा।

300 से ज्यादा मरीज उपचाराधीन

नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्तमान में 300 से ज्यादा मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा रोजाना यहां एक हजार से ज्यादा ओपीडी रहती है। बम की धमकी के बीच मरीजों को भी परेशान होना पड़ा है।

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