विश्व पर्यावरण दिवस पर बद्दी रहा देश का सबसे प्रदूषित औद्योगिक क्लस्टर, यह रही वजह

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ओजोन स्तर बढऩे से 249 पर पहुंच गया एक्यूआई, बढ़ा तापमान और रासायनिक प्रतिक्रियाएं बनीं वजह

सोलन – रजनीश ठाकुर

विश्व पर्यावरण दिवस पर बद्दी देश का सबसे प्रदूषित औद्योगिक क्लस्टर घोषित हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पांच जून के जारी आंकड़ों के मुताबिक बद्दी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 249 रिकार्ड किया गया, जो देश में सबसे खराब स्तर रहा।

खास बात यह रही कि इस प्रदूषण के लिए न तो धूल जिम्मेदार रही और न ही कारखानों का धुआं, बल्कि यह स्थिति ओजोन गैस के स्तर में तेज बढ़ोतरी के कारण बनी। बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि 25 मई को ओजोन का स्तर 83 था, जो क्रमश:26 मई को 94, 31 मई को 168, पहली जून को 177 और पांच जून को 249 तक जा पहुंचा। छह जून को यह गिरकर 189 रहा, लेकिन तब तक यह बद्दी को देश के सबसे प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर चुका था।

उल्लेखनीय है कि इस दौरान पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सामान्य प्रदूषक अच्छे से संतोषजनक स्तर में दर्ज किए गए। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि यह बढ़ोतरी ओजोन के कारण हुई और इसमें चिंता जैसी कोई बात नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्यूआई में आई यह तेज बढ़ोतरी फैक्टरियों के धुएं या सडक़ों की धूल से नहीं, बल्कि लगातार अस्थिर हो रहे तापमान और सूर्य प्रकाश की तीव्रता से संबंधित है। पांच जून को आई हीट वेव ने इस प्रभाव को और अधिक तीव्र बना दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार ओजोन तब बनती है, जब वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड और वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स सूर्य की रोशनी में आपस में रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं। बद्दी में प्रतिदिन लगभग 20000 वाहन चलते हैं और भारी मात्रा में औद्योगिक ईंधन जैसे कोयला, पेटकोक आदि का उपयोग होता है, जिससे ये गैसें लगातार उत्सर्जित होती हैं। यही वजह रही कि सूर्य प्रकाश की तीव्रता और गर्मी के साथ इन गैसों की क्रिया ने ओजोन स्तर को अचानक खतरनाक श्रेणी में पहुंचा दिया।

बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने कहा कि बद्दी का एक्यूआई सामान्यत: 83 से 170 के बीच बना रहता है, लेकिन पांच जून को तापमान में आए उछाल और वातावरणीय परिस्थितियों के चलते यह 249 तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि यह एक स्वाभाविक रासायनिक प्रक्रिया है, जो समय के साथ फिर से सामान्य हो जाती है।

 

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