शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में टॉयलेट टैक्स को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस मसले पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में दिए गए एक बयान में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने टॉयलेट टैक्स जैसा कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। उन्होंने इस मामले को गलत जानकारी और विपक्ष द्वारा फैलाए गए “झूठे प्रोपेगेंडा” का नतीजा बताया।
सीएम ने किया इंकार
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि “राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह की बेतुकी और आधारहीन बयानबाजी करने से परहेज किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। इस तरह के मुद्दों को राजनीतिक लाभ लेने के लिए राजनीतिक रंग देने का प्रयास नहीं करना चाहिए, विशेषकर उस स्थिति में जब आरोप वास्तविकता से परे हों।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने 5,000 करोड़ की रेवड़ियां बांटीं जिसमें मुफ्त पानी की घोषणा भी शामिल थी। लेकिन भाजपा के इन लोक-लुभावन वादों को अधिमान न देते हुए प्रदेश की प्रबुद्ध जनता ने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान किया जिसके फलस्वरूप एक मजबूत सरकार का गठन हुआ।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुछ पांच सितारा होटलों को भी मुफ्त पानी देने की घोषणा की थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके दृष्टिगत पानी पर सब्सिडी का युक्तिकरण करते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति कनेक्शन 100 रुपये बिल का भुगतान तय किया है। वहीं, आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को प्रदेश के हित में पानी के बिल की अदायगी करने में कोई परेशानी नहीं है।
ये बोले अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा
इस बीच, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने भी इस मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा कि 21 सितंबर को इस बारे में अधिसूचना जारी की गई थी। ये सीवरेज चार्जेज से संबंधित थी। लेकिन अब यह मामला उपमुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तो इसे वापिस ले लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अधिसूचना केवल कुछ स्थानों पर होटल और अन्य संस्थाओं के लिए थी और इसका ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी से कोई संबंध नहीं था। जल्द ही इस पर नई अधिसूचना जारी की जाएगी।
विपक्ष हमलावर
वहीं, विपक्ष भी इस मामले पर सरकार को घेरने से पीछे नहीं हट रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बिलासपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा टॉयलेट टैक्स लगाने की खबर सुनकर उन्हें पहले हंसी आई, लेकिन इसके बाद दुःख हुआ कि सरकार किस दिशा में जा रही है। वहीं इस बारें में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

