हिमाचल प्रदेश में सड़कों की टारिंग पर रोक, लक्ष्य से काफी पीछे रहे गया विभाग

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मानसून के चलते ही लोक निर्माण विभाग को अब तक 90 करोड़ रुपये तक की चपत लग चुकी है। इसमें टारिंग, डंगे, सड़कें टूटना शामिल है। विभाग का मानना है कि ऐसे मौसम में टारिंग करना नुकसान होगा।

शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल में सड़कों की टारिंग पर रोक लगा दी गई है। अब बरसात के बाद ही प्रदेश में टारिंग के काम हो सकेंगे। लोक निर्माण विभाग ने फील्ड अधिकारियों को इस बारे आदेश जारी किए हैं।

प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 2,000 किलोमीटर सड़क की टारिंग करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन विभाग 750 किलोमीटर सड़कों को ही पक्का कर पाया है। हिमाचल में मूसलाधार बारिश होने और तापमान में आई गिरावट के चलते यह काम रोका गया है।

हिमाचल के हर जिले में दो सौ किलोमीटर तक सड़कों की टारिंग की जानी थी। लोक निर्माण विभाग ने अप्रैल के अंत में टारिंग के कार्य अवार्ड कर दिए थे। इस बीच भी तापमान टारिंग के लिए उपयुक्त न होने से काम प्रभावित होता रहा।

अब हिमाचल में मानसून ने दस्तक दे दी है। बीते एक सप्ताह मूसलधार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। निकास नालियां बंद होने से सड़कों पर पानी बह रहा है। इससे कई जगह सड़कों पर की टारिंग भी उखड़ गई है।

मानसून के चलते ही लोक निर्माण विभाग को अब तक 90 करोड़ रुपये तक की चपत लग चुकी है। इसमें टारिंग, डंगे, सड़कें टूटना शामिल है। विभाग का मानना है कि ऐसे मौसम में टारिंग करना नुकसान होगा।

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि हिमाचल में टारिंग का काम रोका गया है। विभाग ने दो हजार किलोमीटर सड़कों की टारिंग करने का लक्ष्य रखा था, मौसम के साथ न देने से यह अभी पूरा नहीं हुआ है।

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