अमरोहा गांव का एक गरीब परिवार मौत के साए में जीने को मजबूर

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पीड़ित परिवार के खस्ताहाल मकान व छत के कारण कभी भी हादसा होने का बना हुआ है खतरा, कभी भी टूट सकती है कच्ची छत, पीड़ित ने कहा किसी भी विधायक वह प्रधान ने नहीं सुना उनका दर्द, न ही पीएम आवास योजना व सीएम आवास योजना का मिल पाया लाभ, पीड़ित परिवार ने सरकार से लगाई जल्द से जल्द पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद की गुहार

बीबीएन – रजनीश ठाकुर

कहने को तो प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए पक्के मकान बनाने के लिए पीएम आवास योजना, सीएम आवास योजना नाम की कई योजनाएं चलाई हुई है लेकिन इन योजनाओं का लाभ जिन गरीब परिवारों को मिलना चाहिए उन्हें नहीं मिल रहा है और आलम यह है कि आज भी गरीब परिवारों से संबंधित लोग मौत के साए में जीने को मजबूर है।

इसी के चलते ताजा मामला उपमंडल नालागढ़ के तहत दून विधानसभा क्षेत्र की नालका पंचायत के अमरोहा में सामने आया है। जहां पर आजादी के 75 वर्ष बाद भी एक गरीब परिवार मौत के साए में जीने को मजबूर है। पूरे परिवार को हर समय खस्ताहाल मकान के गिरने व छत के गिरने का खतरा बना रहता है और पूरा परिवार एक एक पल खौफ में जी रहा है।

पीड़ित परिवार के सदस्यों द्वारा पंचायत प्रधान से लेकर स्थानीय प्रशासन, विधायक तक सीएम आवास योजना या पीएम आवास योजना के तहत मदद की गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने भी इनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। और चुनावों के समय में नेता इनके पास आते हैं और वोट के नाम पर वादे करके चले जाते है।

और जीतने के बाद कोई इनका दुख सुनने के लिए नहीं आते। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने एक बार फिर प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार से मकान बनवाने के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

पीड़ित बुजुर्ग महिला प्रेमी देवी के बोल

इस बारे में जब हमने पीड़ित बुजुर्ग महिला प्रेमी देवी से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के साथ 25 वर्षों से इस कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि मकान की छत के सतीर वाले पूरी तरह से खस्ता हालत में है और कभी भी छत के टूटने का उन्हें खतरा बना हुआ है।

प्रेमी देवी का कहना है कि उन्होंने इस बारे में पंचायत प्रधान और दून विधानसभा क्षेत्र से विधायक से व स्थानीय प्रशासन से कई कई बार गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया और आलम यह है कि आज भी वह खस्ताहालत मकान में रहने को मजबूर है। उन्होंने एक बार फिर प्रदेश सरकार से मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

समाजसेवी पारस के बोल

इस बारे में स्थानीय समाजसेवी पारस से हमने बातचीत की तो उनका कहना है कि बीपीएल कार्डो का फायदा वह लोग ले रहे हैं जो लोग गरीबी रेखा से ऊपर है और गाड़ियों, बड़े-बड़े कोठियों वाले लोग उनका फायदा ले रहे हैं लेकिन इस गरीब परिवार को बीपीएल परिवार से भी वंचित रखा गया है।

ना तो इन्हें आज तक सीएम आवास योजना के तहत मदद मिली है और ना ही पीएम आवास योजना के तहत मध्य मिली है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपया टैक्स के रूप में जाता है लेकिन इसके बावजूद भी सरकार का ध्यान क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और आज भी यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने भी प्रदेश सरकार से जल्द इस गरीब परिवार को आवास योजना के तहत मदद देने की मांग उठाई है।

अब देखना यह होगा कि कब सरकार और प्रशासन जागते हैं और कब इस गरीब परिवार को पक्के मकान जैसी सुविधा मुहैया हो पाती है और कब यह परिवार मौत के साए के डर से बाहर आता है।

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