
सीएम सुक्खू ने आगे बढ़ाया काम, 31 मार्च से पहले प्रक्रिया पूरी करेंगे उपायुक्त मंडी।
शिमला – नितिश पठानियां
सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के एक ड्रीम प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। मंडी के बल्ह में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए जनसुनवाई करने को नई सरकार ने मंजूरी दे दी है।
राजस्व विभाग के माध्यम से बुधवार को यह मंजूरी डीसी मंडी को भेज दी गई है। सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट की ड्राफ्ट रिपोर्ट के बाद यह सुनवाई जरूरी होती है।
पूर्व भाजपा सरकार ने सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट का काम गाजियाबाद की एक फर्म एसआर एशिया को दिया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद यह अंदेशा था कि कहीं इस प्रक्रिया को रोक न दिया जाए।
अब जनसुनवाई के बाद 31 मार्च, 2023 तक फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी, जिसे इवैल्यूएशन के लिए एक्सपर्ट ग्रुप को भेजा जाएगा।
इसके बाद एक साल के भीतर राज्य सरकार को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करनी है, जिसके लिए सेक्शन 11 की अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी।
सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट के दौरान डोर-टू-डोर सर्वे हो गया है और करीब 70 फ़ीसदी लोग एयरपोर्ट बनाने के हक में हैं। दूसरी तरफ जन सुनवाई अब पांच पंचायतों में होगी, जिसका शेड्यूल डीसी मंडी तय करेंगे।
इसके लिए 21 दिन का नोटिस देना जरूरी है। जनसुनवाई के दौरान लोग भी इस प्रोजेक्ट पर अपनी आपत्तियां दे सकते हैं, जिस पर राज्य सरकार को फैसला लेना है।
फाइनल रिपोर्ट से यह पता लगेगा कि इस प्रोजेक्ट पर कुल लागत कितनी आती है? मंडी में पूर्व भाजपा सरकार के समय प्रस्तावित यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पूरी तरह राज्य सरकार की फंडिंग पर निर्भर है। यही इस प्रोजेक्ट के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा है।
15वें वित्त आयोग ने 1000 करोड़ की जो अतिरिक्त ग्रांट अपने सिफारिशों में दी थी, उसे भारत सरकार ने अभी तक माना नहीं है। इसलिए इस प्रोजेक्ट का भविष्य अभी तक क्लियर नहीं है।
तीन किलोमीटर लंबाई
मंडी एयरपोर्ट को इंटरनेशनल कैटेगरी का बनाया जा रहा है। इसलिए हवाई पट्टी की लंबाई भी तीन किलोमीटर से ज्यादा होगी।
भूमि अधिग्रहण की लागत ही करीब 2000 करोड़ है और पूरे प्रोजेक्ट की लागत 4000 करोड़ के आसपास बन रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि इतना पैसा कहां से आएगा?
