गजब! स्कूटी के लिए टूटे रिकॉर्ड, कोटखाई में VVIP नंबर के लिए 1.11 करोड़ रुपये की लगी बोली

--Advertisement--

Image

शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश में एक स्कूटी के नंबर के लिए ऑक्शन को लेकर खासा क्रेज देखने को मिला. बोली के दौरान स्कूटी के वीवीआईपी नंबर के लिए 1 करोड़ से अधिक रुपये की बोली लगाई गई है.

फिलहाल, खबर लिखे जाने तक बोली जारी थी. हिमाचल के इतिहास में पहली बार ऐसे देखने को मिला है कि एक दो पहिया वाहन के नंबर के लिए स्कूटी मालिक इतने रुपये में नबंर खरीदने के लिए तैयार है.

जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का यह मामला है. शिमला के कोटखाई में दो पहिया वाहन के लिए स्पेशल नंबर के लिए गुरुवार को विभाग की तरफ से ऑनलाइन बोली रखी गई थी.

बोली में 26 लोगों ने आवेदन किया.दरअसल, स्पेशल HP99-9999 नंबर के लिए विभाग की तरफ से बेस प्राइस 1 हजार रुपये रखा गया था. इसके लिए कुल 26 लोगों ने बोली लगाई, जोकि दोपहर डेढ़ बजे तक जारी थी.

सोशल मीडिया हुआ क्रेजी

बोली के स्क्रीन शॉट्स सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर्स ने कहा कि शायद बोलीदाता का इस बार का सेब का सीजन काफी अच्छा गया है.

साथ ही एक यूजर्स ने स्कूटी के लिए नबंर के लिए इतने पैसे बोली लगाने पर हैरानी जताई और कहा कि अगर बोली दाता बाद में नंबर खरीदने से मुकरा तो उस पर जुर्माना लगाया जाए. साथ ही जांच की जाए कि बोलीदाता के पास इतने पैसे कहां से आए.

कांगड़ा में भी आया था ऐसा मामला

गौरतलब है का कांगड़ा में जुलाई 2020 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां पर बोलीदाता ने अपनी स्कूटी के लिए 18 लाख रुपये में वीआईपी नंबर खरीदा था.

कांगड़ा के शाहपुर उपमंडल का यह मामला था. करनाल की एक कम्पनी ने ऑनलाइन बोली के माध्यम से नंबर हासिल किया था. निजी कंपनी राहुल पैम प्राइवेट लिमिटेड ने नई स्कूटी शाहपुर में कंपनी के नाम रजिस्टर्ड करवाई थी.

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...