हरिपुर के मंदिरों का होगा जीर्णोंद्धार: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने किया निरीक्षण

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हरिपुर – ए के शर्मा

कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र के हरिपुर में स्थित मंदिरों का जल्द ही जीर्णोंद्धार होने वाला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने दिल्ली से आए निदेशक डॉ. वसंत कुमार स्वर्णकार की अगुवाई में बुधवार को हरिपुर के मंदिरों का निरीक्षण किया।

टीम ने आठ मंदिरों का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि करीब डेढ़ महीना पहले देहरा भाजपा के युवा नेता डॉ सुकृत सागर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मिले थे जहां अनुराग ठाकुर ने अपने संसदीय क्षेत्र से आए हुए प्रतिनिधिमंडल को संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी से मिलबाया था.

जिसके परिणाम स्वरूप आज दिल्ली व हिमाचल के अधिकारियों सहित पुरातत्व विभाग की टीम ने हरिपुर के मंदिरों का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के बाद टीम के प्रमुख निदेशक डॉ वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर जी द्वारा भेजे गए पत्र व निर्देशों के बाद हमने इन मंदिरों का निरक्षण किया है तथा जल्द ही निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय को सौंपी जाएगी।

हम अभी इस पक्ष में है कि इन मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा सकता है अब हम सारी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों व मंत्रालय के पास रखेंगे इसके बाद हरी झंडी मिलने पर मंदिरों के जीर्णोंद्धार का काम शुरू होगा।

टीम के साथ निरीक्षण के बाद देहरा भाजपा के युवा नेता डॉ सुकृत सागर ने कहा कि यह केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का इस क्षेत्र के प्रति लगाव है जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास में रुचि दिखाई है.

उन्होंने कहा की हमने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष मंदिरों को लेकर बात रखी थी। इसके अच्छा परिणाम मिला है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम निदेशक वसंत कुमार स्वर्णकार की अगुवाई में हरिपुर पहुंची है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार जताया है।

बता दें कि हरिपुर गुलेर रियासत की राजधानी थी। यहां पर कई मंदिर हैं। हरिपुर में किला भी है, जोकि जर्जर हो चुका है। यहां के मंदिरों और किले आदि की तरफ अब तक किसी का ध्यान नहीं गया है। यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।

पर अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम के आने के बाद नई उम्मीद जगी है। अगर कवायद सिरे चढ़ती है तो एक साल के अंदर मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो सकता है। एक दो साल में यह पूरा हो जाएगा।

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