लंज-नगरोटा सूरियां सडक़ पर सफर सुहाना, जनता को अब हिचकोलों से मिलेगी राहत

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जनता को अब हिचकोलों से मिलेगी राहत, एफडीआर तकनीक से बनी 12 किलोमीटर की सडक़, 10 करोड़ आई लागत

नगरोटा सुरियाँ – निशा ठाकुर

अब जनता को लंज-नगरोटा सूरियां सडक़ पर हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे लंबे समय के बाद बार-बार समाचार पत्रों की सुर्खियों में यह 12 किलोमीटर की सडक़ एफडीआर तकनीक से 10 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गई है। करीब एक महीना पहले प्रदेश के कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने इस नई तकनीक से बनने वाली इस सडक़ के निर्माण का शिलान्यास किया था तथा छह महीने पहले इस सडक़ की मिट्टी का टेस्ट भी हुआ था तब जाकर इस सडक़ के निर्माण का कार्य शुरू हुआ।

भारतीय जनता पार्टी नेता संजय गुलेरिया ने इस सडक़ निर्माणके कई बार संघर्ष किया और इसलिए एक बार तो मुख्यमंत्री के कट आउट को लेकर गाड़ी में भी घूमाया गया। इस हिचकुले गड्ढे वाली सडक़ को दिखाया था तथा मुख्यमंत्री भी एक बार जब नगरोटा सूरियां आए तो इस सडक़ को देखा था सोशल मीडिया पर खूब इस सडक़ की दुर्दशा की चर्चा हुई थी।

जब भाजपा नेता संजय गुलेरिया द्वारा कट आउट लेकर प्रदर्शन किया था। तब हिमाचल प्रदेश के वर्तमान लोकनिर्माण मंत्री द्वारा 10 करोड ़रुपए निर्माण के लिए घोषणा की थी। लेकिन यह सडक़ अब केंद्र सरकार के प्रयासों की देन है यह सडक़ नहीं थी एक नाले के रूप में सडक़ बन चुकी थी। कई बार यहां दुर्घटनाएं भी हो चुकी थी टांडा हॉस्पिटल मरीज नहीं पहुंच सकते थे। एक दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई इस सडक़ की दुर्दशा के कारण हो चुकी थी क्योंकि मरीज टांडा समय पर नहीं पहुंच पाए थे।

पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत ही महत्वपूर्ण सडक़ थी क्योंकि जब भी कोई पौग झील विश्व ऐतिहासिक मशहूर मंदिर या यहां की जनता को कांगड़ा टांडा अस्पताल या धर्मशाला जाना होता था तो इस सडक़ की दुर्दशा के कारण नहीं आता जाता था हर दूसरे-तीसरे दिन यह सडक़ अखबारों की सुर्खियों में होती थी। एक महीने से अधिक समय हो गया।

यह सडक़ एफडीआर तकनीक से बनाई गई है तथा सडक़ के निर्माण का कार्य 30 मार्च को शुरू हुआ था तथा कंपनी द्वारा बासा चौक से लंज कदरेटी तक एफडीआर तकनीक से इस सडक़ के निर्माणका कार्य कर दिया है। अब शीघ्र गर्मियों में तारकोल विछा दी जाएगी।

ऐसा कंपनी के मेनेजर रामपाल ने बताया उन्होंने बताया कि नगरोटा सूरियां बस अड्डे से देहरा चौक तक भी इस एफडीआर तकनीक से करीब दो किलोमीटर सडक़ के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सडक़ से सबसे अधिक वाहन रेत बजरी के बड़े-बड़े कंटेनर और बड़े ट्रक गुजरते हैं जो की धर्मशाला तथा कांगड़ा जाते हैं।

इसके बारे में भी सरकार तथा विभाग को देखना होगा क्योंकि सडक़ टूटने का मुख्य कारण ही इस सडक़ से बड़े-बड़े बाहन जो रेत बजरी लेकर गुजरते हैं। वहीं होते हैं सडक़ टूटने का मुख्य कारण था उधर अब इस सडक़ के निर्माण होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को रोजगार भी मिलेगा पर्यटक आएंगे तो कारोबार भी बढ़ेगा।

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