हिमखबर डेस्क
पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए समझौता होने के बाद अमरीका ने ईरान की घेराबंदी खत्म कर दी है। अमरीका के सेंट्रल कमान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी समुद्री जहाजों पर लगी नाकेबंदी हटा ली है।
अमरीकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को नहीं रोक रही है। सेना की नाकेबंदी लागू करने की सभी कोशिशें बंद कर दी गई हैं। हमारे बेहतरीन नौसैनिक जहाज उस इलाके में मौजूद रहेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समझौते की सभी बातों का पालन हो रहा है और वे पूरी तरह से लागू हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अलग राय होने के बावजूद उन्होंने अमरीका के साथ समझौते को मंज़ूरी दी, हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से यह भरोसा मिलने के बाद कि वह ईरानी राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा करेंगे, उन्होंने (श्री खामेनेई) इस समझौता को होने दिया। उन्होंने कहा कि भले ही भविष्य में ईरान और अमरीका के बीच आमने-सामने बातचीत होगी, लेकिन इसका मतलब दुश्मन के रुख को स्वीकार करना नहीं होगा।
ट्रंप ने सभी मोर्चों पर युद्धविराम का आह्वान किया
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमरीका को सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम की उम्मीद है। उन्होंने पश्चिम एशिया में सभी पक्षों से अपनी-अपनी प्रतिबद्धताओं वादों को पूरा करने की अपील की है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट में लिखा कि हम सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की अपेक्षा करते हैं, जिसमें लेबनान, हिज़्बुल्लाह और इजऱाइल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अमरीका शांति के लिए प्रतिबद्ध है और हम पश्चिम एशिया में सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें, ताकि हमारी बातचीत सही ढंग से आगे बढ़ सके।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को फ्रांस में ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत गुरुवार से 60 दिनों की बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई। इसका मकसद एक अंतिम समझौते पर पहुंचना है।
इस एमओयू में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है। हालांकि इजरायल ने कहा है कि उसका लेबनान से अपनी सेना हटाने का कोई इरादा नहीं है।

