हिमाचल को नशा मुक्त बनाने में नागरिकों की सहभागिता जरूरी: पठानियां, बोले, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह ने एक व्यापक योजना की है तैयार, चिट्टे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों पर की जा रही है कड़ी कार्रवाई
धर्मशाला, 25 जून – हिमखबर डेस्क
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार हिमाचल को नशा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए कृत संकल्प है। इसमें आम जनमानस की सहभागिता भी अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु सरकार का एंटी चिट्टा मॉडल जहां अपराधियों की कमर तोड़ने में कामयाब हो रहा है, वहीं इस मॉडल की चर्चा अन्य राज्यों में भी होने लगी है।
वीरवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में सामाजिक न्याय अधिकारिता, स्वास्थ्य विभाग तथा गूंजन संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नशीली दवाओं के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के विरूद्व अंतराराष्टीय दिवस-2026 तथा टीबी जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद चिट्टे की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे इस योजना के तहत चिट्टे में संलिप्त अपराधियों के साथ-साथ पंचायत स्तर तक मैपिंग की गई है।
हिमाचल प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जहां पंचायतों में चिट्टे का नशा करने वालों और तस्करों की पहचान कर इन्हें रेड, येलो और ग्रीन श्रेणी के रूप में पहचाना गया है। सर्वे में पाया गया है कि प्रदेश की 234 पंचायतों में चिट्टे का प्रभाव सबसे अधिक है और इन्हें रेड श्रेणी में रखा गया है। इन पंचायतों में चिट्टे का प्रभाव कम करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के एंटी चिट्टा मॉडल के तहत जहां चिट्टे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, वहीं इस समस्या के पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पिट-एनडीपीएस एक्ट लागू कर 174 अपराधियों को हिरासत में लिया और इस तरह की बड़ी कार्रवाई करने पर हिमाचल प्रदेश देश भर में पहले स्थान पर रहा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्ण संवेदनशीलता के साथ पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए भी सकारात्मक कदम उठाए हैं। प्रदेश में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के मानकीकरण की योजना अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के एंटी चिट्टा अभियान को सफल बनाने के लिए समाज का हर वर्ग अपनी भागीदारी निभाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
सामाजिक दबाव से बाहर निकलकर अभिभावक स्वयं टोल फ्री नंबर 112 पर अपने बच्चों में चिट्टे की लत छुड़ाने के लिए सहायता मांगने के लिए आगे आ रहे हैं। इस अवसर पर गंूजन के निदेशक विजय कुमार ने नशे के दुष्प्रभावों और उनकी रोकथाम को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्यातिथि ने कहा कि गंूजन संस्था की ओर नशे की रोकथाम के लिए तैयार रोडमैड को राज्य में क्रिर्यान्वित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लघु नाटिका, पोस्टर मेकिंग, भाषण के माध्यम से दिया टीबी जागरूकता का संदेश
विद्यार्थियों ने रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, फेस पेंटिंग, भाषण एवं डिक्लेमेशन प्रतियोगिताओं के माध्यम से टीबी के लक्षणों, समय पर जांच, उपचार की पूर्णता तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने संबंधी प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ टीबी उन्मूलन के प्रति प्रेरित भी किया।
कार्यक्रम में सत्यम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, शाहपुर, श्री बालाजी हॉस्पिटल एवं कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कांगड़ा, ग्रेस स्कूल ऑफ नर्सिंग, कांगड़ा, गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, योल तथा मां ज्वाला नर्सिंग इंस्टीट्यूट, ज्वालामुखी के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं नोडल अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर गूंजन संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी पंकज पंडित ने मंच संचालन किया।

