धान की पनीरी के लिए सिर पर पानी ढो रहे किसान

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सिहुंता में बारिश न होने से बढ़ी किसानों की परेशानी

सिहुंता – अनिल संबियाल

क्षेत्र के तहत आती ग्राम पंचायत कामला में धान की पनीरी के लिए किसानों को पानी सिर पर ढोकर लाना पड़ रहा है। इसके बाद इस पानी को खेतों में फेंका जा रहा है। बारिश न होने की वजह से किसानों को काफी परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि विभाग की ओर से बनाई गई नई खग्गल सिंचाई कूहल में भी पानी नहीं है।

ऐसे में किसानों को पानी पनिहार से ढोकर लाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकतर किसान धान उगाकर अपनी आजीविका अर्जित करते हैं लेकिन इस बार बारिश न होने से धान की पनीरी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

किसानों सुरेंद्र कुमार, बाबू राम, चैन सिंह, करनैल सिंह, कर्म चंद, पूर्ण चंद, खेम राज, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, रोशन लाल आदि का कहना है कि खेतों को सींचने के लिए पंचायत के साथ लगते पनिहार से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।

उन्होंने बताया कि करीब आधा किलोमीटर दूर पनिहार है। ऐसे में दिन का अधिकतर समय उनका पानी ढोने में ही निकल रहा है। इस बार समयानुसार बारिश नहीं हो रही है। बहरहाल, बिना बारिश के धान की पनीरी निकालने के लिए किसानों को पानी पनिहार से लाकर खेतों में फेंकना पड़ रहा है।

सहायक अभियंता दिनेश पठानियां के बोल

जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता दिनेश पठानिया का कहना है कि बारिश न होने की वजह से क्षेत्र के जल स्रोत में पानी की कमी आई है। कहा कि बिना बारिश के कूहल को भी संचालित नहीं किया जा रहा है।

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