ज्वाली – शिवू ठाकुर
पूर्व वन मंत्री राकेश पठानियां ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें स्वास्थ मंत्री डा. धनीराम शांडिल ने कहा था कि अस्पतालों मे पर्ची के दस रुपए इसलिए लिए जा रहे हैं कि मुफ्त की पर्ची को लोग गुम कर देते हैं। पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि सरकार गरीबी नहीं, अपितु गरीब को मिटाने पर तुली है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब लोग जाते हैं और प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में मरीजों से पर्ची और टेस्ट के पैसे लेने के फैसले से लोग परेशान हो गए हैं। मरीजों को निजी अस्पतालों की तर्ज पर अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर फील्ड में बैकफुट पर है।

