गांवों की सड़कों पर कितने ब्लैक स्पॉट, विभाग के पास नहीं कोई रिपोर्ट

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प्रदेश भर में एक जैसे हालात; लिंक रोड पर न माइलस्टोन, न साइन बोर्ड, सड़क किनारे अवैध कब्जों-बंद पड़ी नालियों ने और बिगाड़े हालात

व्यूरो रिपोर्ट

प्रदेश भर में ग्रामीण सड़कों पर हादसों को न्योता देते ब्लैक स्पॉट लोक निर्माण विभाग की लापरवाही दर्शाते हैं। मुख्य सड़कोंं पर तो बिना जरूरत भी क्रैश बैरियर लगाकर पूरे के पूरे रोड को कवर कर दिया जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की संकरी सड़कों में खड्डों, नालों और पहाडिय़ों के किनारे गहरी खाइयों के किनारे टूटे-फूटे पैरापिट हादसों को न्योता देते हैं, इस ओर विभागीय अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। हालांकि सड़क के बजाय डंगे लगाने में विभाग अधिक दिलचस्पी दिखाता है।

जनता में इस बात को लेकर भी रोष है कि विभाग के अधिकारी वहीं दिखते हैं, जहां कहीं डंगे का काम चल रहा हो। अन्यथा अपनी सड़कों पर होने वाले कब्जों या बंद पड़ी नालियों सहित अन्य व्यवस्था सुधार को भी नहीं देखते हैं। पहाड़ी राज्य हिमाचल के लिंक रोड पर आजकल माइलस्टोन व साइन बोर्ड भी कम ही दिखते हैं। जब कोई सड़क नई बनती है, तो कुछ समय तक साइनबोर्डदिखता भी है, परंतु बाद में उसकी संभाल करने वाला कोई नहीं होता।

हालांकि पूर्व में सड़कों के किनारे ‘अंधा मोड़, ‘तीखा मोड़, ‘कभी न पहुंचने से देर भली, ऐसे कई स्लोगन वाले साइन बोर्ड लगे रहते थे और लोगों को अवेयर करते थे। इतना ही नहीं, छोटे-छोटे कस्बों में पीडब्लयूडी के बोर्ड में संबंधित क्षेत्र का नाम जनसंख्या सहित अन्य जानकारी भी मिलती थी, जो अब धीरे-धीरे गायब हो गए हैं। नया कुछ जोडऩे के बजाय पुराने व उपयोगी स्लोगन लगे बोर्ड हटाकर विभाग अपनी लापरवाही का परिचय दे रहा है।

ग्रामीण सड़कों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जब कार्य होता है, उस समय जरूर ड़क की दशा व दिशा बेहतर दिखती है, लेकिन बाद में हालत यह हो जाते हैं कि बिना शिकायत के वरसात की झाडिय़ां काटने की भी विभाग जहमत नहीं उठाता।

बरसात के कारण पहाड़ी राज्य में अधिकतर डे्रनेज रेत व पत्थरों से भर जाती हैं। उन्हें साफ कर सड़कों को सुरक्षित न करना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे सरकार को लाखों रुपए का चूना लगता है व सड़कों पर खड्डे पड़ जाते हैं, जो दुर्घटना का कारण बनते हैं। इस लापरवाही से सड़कें थोड़े समय मेंं ही खराब हो जाती हैं।

समय-समय पर रोड का निरीक्षण करे विभाग

लोगों का तर्क है कि विभाग लापरवाही छोड़ सड़कों को अपना समझकर समय-समय पर इनका निरीक्षण कर सही से रखरखाव करे, तो सड़कों की उम्र को ही नहीं बढ़ाया जा सकता है, बल्कि इससे सरकार को होने वाले करोड़ों रुपए के नुकसान व दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकता है। विभाग को विशेषकर उन सड़कों व ब्लैक स्पॅाट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जहां पर बार-बार हादसे होते रहते हैं।

संकरी सड़कों का चौड़ा करने का हो रहा प्रयास

पीडब्ल्यूडी विभाग धर्मशाला के एक्सईएन सुशील डढवाल का कहना है कि गांवों में संकरी सड़कों को चौड़ा करने का अभियान चलाया गया है। जहां-जहां भी तीखे और संकड़े मोड़ हैं, उन सभी स्पॉट को सुधारा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। कई बार नालियां रेत व पत्थरों से भर जाने के कारण पानी सड़क पर बहता है। इससे सड़कों पर बिछाई गई कोलतार निकल जाती है।

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