शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा विभाग में प्रस्तावित शास्त्री अध्यापकों के रिक्त पदों की भर्ती हेतु बैचवाइज काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरा हुए लगभग 6 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक शास्त्री भर्ती प्रक्रिया का परिणाम सरकार तथा विभाग द्वारा घोषित नहीं हो पाया है, जिसके कारण शास्त्री भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित बेरोजगार शास्त्री अभ्यर्थियों में रोष पनप रहा है।
भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित हुए शास्त्री अभ्यर्थियों ने सरकार से यह अनुरोध किया है कि इस भर्ती प्रक्रिया के परिणाम को जल्द से जल्द घोषित करके उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाए।
गौरतलब है की शास्त्री भर्ती प्रक्रिया को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में केस चल रहा है लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक इस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कोई विशेष निर्णय सामने नहीं आया है। जिसके कारण शास्त्रीय अभ्यर्थी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और अभ्यर्थियों में दिन प्रतिदिन मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
शास्त्री अभ्यर्थियों में राकेश जगजीत, सुरेश, शिव, अमित, आशीष, अनिरुद्ध इत्यादि अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने एनसीटीई के नियमों के तहत इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था तथा एनसीटीई के नियम अनुसार वे सब अपनी इस पद हेतु योग्यता को पूरा करते हैं।
इसलिए इस भर्ती से संबंधित केस में उचित निर्णय लेकर योग्य अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति प्रदान कर दी जानी चाहिए लेकिन अभी तक इस विषय में सरकार तथा विभाग असफल रहे हैं। साथ ही साथ अभ्यर्थियों में रोजगार न मिलने के कारण दिन प्रतिदिन मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
सभी अभ्यर्थियों ने सरकार से शिक्षाविभाग से तथा माननीय उच्च न्यायालय से यह अनुरोध किया है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द इस पर उचित निर्णय लिया जाए ताकि सभी बेरोजगार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को इसमें राहत मिल सके।

