आज भी सड़क के लिए तरस रहे 241 गांव,ग्रामीण मीलों पैदल सफर करने को मजबूर, अरसे बाद भी समस्या का हल नहीं निकला

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सोलन- जीवन वर्मा

जिला सोलन के 241 गांव में आज तक भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है। सड़क सुविधा से महरूम इन गांवों के विकास पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ग्रामीण भी मीलों पैदल चलकर सड़क तक पहुंचने के लिए विवश हैं। इन गांवों तक सड़क सुविधा न पहुंच पाने के लिए जितना अधिक लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार है, वहीं राजनीतिक उदासीनता या सड़क के लिए ग्रामीणों द्वारा भूमि उपलब्ध न करवाना भी एक बहुत बड़ा कारण है। बहरहाल इस सभी के बीच इन 241 गांव के हजारों बाशिंदे इसका दंश झेल रहे हैं।

देश को आजाद हुए करीब साढ़े सात दशक बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के लिए सबसे अधिक राजस्व एकत्रित करने वाले जिला सोलन के 241 गांवों तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। जिला में 250 या इससे कम आबादी वाले 1592 गांव हैं। इनमें से 237 गांव अभी सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। वहीं, 250 से 499 की आबादी वाले चार गांव ही ऐसे हैं, जो अभी सड़क के लिए तरस रहे हैं। बहरहाल भाग्य रेखा कहलाए जाने वाली सुविधा से वंचित सोलन के 241 गांव अभी भी सड़क मिलने की आस संजोए बैठे हैं।

अभी तक इंतजार

जिला में 250 से 499 की आबादी वाले अधिकांश गांव तक सड़क पहुंच गई है। जिला सोलन में इस आबादी के गांव की संख्या कुल 219 है। सोलन विस क्षेत्र में कुल 84 गांव में से केवल एक गांव तक ही सड़क नहीं बनी है। कसौली में सात में दो गांवों, जबकि अर्की निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे 80 गांवों में एक गांव ही सड़क से छूटा है। नालागढ़ व दून निर्वाचन क्षेत्र में 250 से 499 की आबादी के बीच के सभी 24 -24 गांव सड़क की सुविधा से जुड़ गए हैं।

250 से कम आबादी तक नहीं पहुंची लाइफ लाइन

250 या इससे कम आबादी वाले गांवों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक गांव अभी तक सड़क से महरूम हैं, जबकि दून विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र दूसरे नंबर पर और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र तीसरे नंबर पर है। सोलन में 250 से कम आबादी के कुल 372 गांव है, इसमें से 352 गांव सड़क से जुड़ गए है जबकि 20 गांव इससे दूर है।

कसौली विधानसभा क्षेत्र में 250 से कम आबादी के कुल 203 गांव है, इसमें से 178 गांव सड़क से जुड़ गए हंै, जबकि 25 गांव इससे वंचित हैं। अर्की विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र में 250 से कम आबादी के कुल 415 गांव है, जिनमें से 323 गांव सड़क से जुड़ गए हैं जबकि 92 गांव इससे महरूम हैं।

नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र में 250 से कम आबादी के कुल 305 गांव है, जिनमें से 263 गांव तक सड़क पहुंच पाई है और 42 गांव इससे दूर है। दून विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र में 250 से कम आबादी के कुल 297 गांव हैं। इसमें से 239 गांव सड़क से जुड़ गए हैं, जबकि 58 गांव इससे महरूम हैं।

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