हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बीच बैलेट पेपर गायब होने के लगातार सामने आ रहे मामलों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोलन के कुनिहार के बाद अब बिलासपुर में भी 50 बैलेट पेपर रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है।
इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया है और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर स्थित अंबेडकर भवन में पंचायत चुनावों को लेकर बैलेट पेपर लेखन का कार्य चल रहा था।
इसी दौरान वार्ड नंबर-1 जंगल सुंगल प्रधान पद से संबंधित बैलेट पेपर क्रम संख्या 58001 से 58050 तक मौके से गायब पाए गए। जैसे ही यह मामला सामने आया, वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सदर बिलासपुर विजय कुमार ने इस संबंध में थाना सदर बिलासपुर में शिकायत दर्ज करवाई है।
शिकायत में बताया गया है कि बैलेट पेपर लेखन कार्य के दौरान राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में तैनात सहायक आचार्य, जो वर्तमान में एआरओ (सहायक निर्वाचन अधिकारी) के रूप में कार्यरत थे, को संबंधित बैलेट पेपर सौंपे गए थे, लेकिन जांच के दौरान ये बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब पाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित एआरओ को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। प्रशासनिक स्तर पर इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
लापरवाही या कोई साजिश
पुलिस ने इस मामले में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1957 की धारा 136(2) तथा बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि बैलेट पेपर लापरवाही के कारण गायब हुए या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश है? पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस अधीक्षक संदीप धवल के बोल
उधर, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

