नालागढ़ ब्लास्ट मामले में NIA ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी अब मामले से जुड़े आतंकी नेटवर्क और उसकी कड़ियों की जांच में जुटी है।
सोलन – रजनीश ठाकुर
नालागढ़ पुलिस थाना परिसर में पहली जनवरी 2026 को हुए आईईडी विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढक़र छह हो गई है। एजेंसी अब हमले के पीछे की बड़ी साजिश, आरोपियों के आपसी संबंधों और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
एनआईए के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला, निवासी मोहल्ला सिरहिंदिया, राहों, जिला एसबीएस नगर पंजाब, करनप्रताप, निवासी मोहल्ला रोटा, राहों तथा दिलजोत सैनी, निवासी झांसी पार्क कॉलोनी, नवांशहर रोड, राहों, जिला एसबीएस नगर पंजाब के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी पहले से ही पंजाब के गढ़शंकर पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर के मामले में गिरफ्तार थे। अब एनआईए ने इन्हें नालागढ़ आईईडी विस्फोट मामले में भी गिरफ्तार कर लिया है। नालागढ़ पुलिस थाना परिसर में एक जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास विस्फोट हुआ था।
मामले में शुरुआत में नालागढ़ पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए ने 8 मई 2026 को मामला दोबारा दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की।
इससे पहले एनआईए इस केस में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को गिरफ्तार कर चुकी है। ये तीनों भी पंजाब पुलिस द्वारा एसएसओसी मोहाली में दर्ज एक मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए थे।
आतंकी साजिश तो नहीं
एनआईए का कहना है कि ताजा गिरफ्तारियां नालागढ़ विस्फोट के पीछे की बड़ी आतंकी साजिश और व्यापक नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में की गई हैं। जांच एजेंसी आरोपियों की सटीक भूमिका, उनके आपसी संपर्क, हमले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क से जुड़ी तमाम कडिय़ों की जांच कर रही है।

