गरली की खूबसूरत हवेलियां बनीं फिल्मों का ठिकाना, फिर भी फिल्म सिटी का सपना अधूरा

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खूबसूरत हवेलियां…महीनों शूटिंग पर गरली में फिल्म सिटी अभी भी सपना, ऐतिहासिक हवेलियों और प्राकृतिक लोकेशन में कई फिल्मों की शूटिंग, स्थानीय लोगों को पर्यटन और रोजगार की नई उम्मीद, कांगड़ा की ऐतिहासिक गरली हवेलियां और प्राकृतिक लोकेशन फिल्मकारों को आकर्षित कर रही हैं। कई फिल्मों की शूटिंग के बावजूद यहां फिल्म सिटी बनाने का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है।

हिमखबर डेस्क

बालीवुड के कैमरों ने गरली-परागपुर की खूबसूरती को पहचान लिया, लेकिन सरकारी नजर अभी तक इस फिल्मी खजाने तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई। ऐतिहासिक हवेलियों, प्राचीन भवनों और पहाड़ी परिवेश के कारण फिल्म निर्माताओं की पसंद बन चुके गरली-परागपुर में कई नामी फिल्मी सितारे फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं।

कई फिल्म परियोजनाओं की शूटिंग यहां करीब दो-दो महीने तक चली है। इसके बावजूद यह सवाल आज भी खड़ा है, जब फिल्में बनाने वालों को यहां फिल्म सिटी जैसा प्राकृतिक सेट मिल रहा है, तो सरकार इस क्षेत्र को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करने की पहल कब करेगी।

हाल ही में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के जसवां-परागपुर दौरे के दौरान क्षेत्रवासियों की निगाहें इसी संभावित घोषणा पर टिकी थीं। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री बालीवुड से जुड़े इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए गरली-परागपुर में फिल्म सिटी विकसित करने का बड़ा ऐलान करेंगे। हालांकि ऐसी घोषणा न होने से स्थानीय स्तर पर एक बार फिर उम्मीदों को झटका लगा है।

गरली-परागपुर की ऐतिहासिक वास्तुकला और प्राकृतिक खूबसूरती इसे फिल्मांकन के लिए बेहद खास बनाती है। पुराने भवन, हवेलियां, मंदिर, संकरी ऐतिहासिक गलियां और पहाड़ी परिवेश फिल्मों के लिए अलग-अलग दृश्य उपलब्ध करवाते हैं। यही कारण है कि फिल्म निर्माता यहां लंबे शूटिंग शेड्यूल लेकर पहुंचते रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि फिल्म उद्योग ने जिस संभावनाओं को वर्षों पहले पहचान लियाए अब सरकार को उसी संभावना को आर्थिक अवसर में बदलने की जरूरत है। फिल्म सिटी के साथ शूटिंग से जुड़े तकनीकी कार्य, स्थानीय कलाकारों को अवसर, होटल-होम स्टे, परिवहन, खान-पान, दुकानदारों और अन्य छोटे कारोबारों को सीधा लाभ मिल सकता है। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि गरली-परागपुर को केवल ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने के बजाय इसे फिल्म पर्यटन का मॉडल केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए सडक़, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, इंटरनेट, विद्युत व्यवस्था और पर्यटकों व फिल्म यूनिटों के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करना होगा।

गौरतलब है कि गरली-परागपुर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ससुराल क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि सीएम इस क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और फिल्मांकन की लोकप्रियता को देखते हुए भविष्य में कोई बड़ा निर्णय लेंगे।

क्षेत्रवासियों की मांग है कि फिल्म सिटी पर गंभीरता से विचार कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। बालीवुड ने गरली-परागपुर को पर्दे पर जगह दे दी, अब जनता चाहती है कि सरकार भी इसे प्रदेश के फिल्म पर्यटन के नक्शे पर स्थायी जगह दें।

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