मुख्यमंत्री सहारा योजना का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार, ऑनलाइन माध्यम से ही होंगे सभी आवेदन
हिमखबर डेस्क
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का संचालन एवं क्रियान्वयन अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के ऐसे गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिन्हें लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पार्किंसन रोग, मैलिग्नेंट कैंसर, स्थायी दिव्यांगता के साथ लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित एवं दीर्घकालिक उपचाराधीन अथवा शैय्याग्रस्त मरीज, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र अथवा दीर्घकालिक गुर्दा विफ, लता (Acute/Chronic Renal Failure) से ग्रसित मरीज, ऐसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, जिसके कारण वह स्थायी रूप से कार्य करने में असमर्थ हो गया हो, वह आवेदन करने के पात्र हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सहारा योजना के अन्तर्गत पात्र, आधार सत्यापित सक्रिय लाभार्थियों को अप्रैल से जून, 2026 तक की अवधि की वित्तीय सहायता राशि जारी की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा ̎मुख्यमंत्री सहारा योजना की आवेदन से भुगतान तक की प्रक्रिया का डिजिटाइजेशन कर सम्पूर्ण प्रक्रिया के संचालन का आधुनिकीकरण करने के लिए एक नया ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
ताकि आवेदकों को सभी योजनाओं का लाभ एक ही सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त हो सके, तथा उनके खर्च एवं समय की बचत सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिन आवेदकों अथवा लाभार्थियों के आवेदन हि.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सोसाईटी द्वारा लम्बित रखे गये थे, उन्हें भी सहायता राशि के लिए पुनः आवेदन करना होगा।
उन्होंने इच्छुक अथवा लम्बित आवेदकों से अपील की है कि सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan से या नजदीकी लोकमित्र केंद्र से करें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों की पहचान व सत्यापन और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने में आवश्यक सहायता करेंगी।
अधिक जानकारी के लिए आवेदक या उनके परिचारक सम्बंधित जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।

