
नगरोटा बगवां – शिव गुलेरिया
ब्लाक कांग्रेस कमेटी, नगरोटा बगवां के गढ़ जोन की मीटिंग में उपस्थित हजारों की संख्या में जन-सैलाब को देखकर जहां कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता गदगद दिखाई दिए और आर एस बाली, सचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अपने जोशीले भाषण के माध्यम से इतना जोश भरा कि पंडाल बार-बार तालियों की गडगडाहट से गूंज उठा।
आज ब्लाक कांग्रेस कमेटी की मीटिंग समलोटी मे रखी गई थी। जिसमें नगरोटा बगवां विधान सभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव से लोगों ने अपनी हाजरी लगाई और विरोधी पार्टियों को बता दिया कि अब की बार वे कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार आर एस बाली की विधान सभा चुनाव में जीत सुनिष्चित करेंगे ।
लोग पैदल व गाडियों द्वारा सभा स्थल तक पंहुचे । सभा में विभिन्न वक्तांओं ने अलग-अलग मुद्दों पर अपने-अपने विचार रखे ।
सभा को सम्बोधित करते हुए आर एस बाली ने देश व प्रदेश सरकार की गल्त व जन-विरोधी नीतियों पर घेरा । उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपने प्रथम कार्यकाल में यह कह कर जनता से वोट मांगे थे कि विदेशो से काला धन लाया जाएगा और 15 लाख रूप्ये प्रत्येक नागरिक के खाते में डाले जाऐंगे, प्रति वर्ष 2 लाख बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा और मंहगाई पर नकेल डाली जाएगी लेकिन शतक आश्वासनों में से एक को भी पूरा नहीं किया गया ।
केन्द्र सरकार ने लोगों को गुमराह किया व देश की भोली-भाली जनता का ठगा । आर एस बाली ने हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा लांच की गई अग्निपथ योजना पर भी घेरते हुए कहा कि यह योजना बेरोजगार व युवा विरोधी है और इससे रोजगार के अवसर बढने की अपेक्षा और अधिक बेरोजगारी बढ़ने की आसंका है ।
इस योजना के विरोध में संघष कर रहे युवा साथियों का उन्होने समर्थन किया और कहा कि इस युवा विरोधी योजना को हम किसी भी हालत में लागू नहीं होने देंगे ।
आर एस बाली ने सभा के अन्त में उपस्थित जन समूह के साथ एक रैली निकाल कर उ्रक्त बेरोजगार विरोधी योजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया ।
समलोटी में आयोजित जन सम्वाद कार्यक्रम में आर एस बाली ने प्रदेश में निकलने वाली बेरोजगार यात्रा में नगरोटा विधान सभा क्षेत्र की जनता से यात्रा में शामिल होने का आवाहन किया।
उन्होंने बताया कि यह बेरोजगार यात्रा उनके स्वर्गीय पिता जीएस बाली द्वारा आरम्भ की गई थी और उसी प्रयास को आगे बढाते हुए बेरोजगारों के हित में फिर से प्रदेश भर में निकाला जा रहा है ताकि बेरोजगार और पढे-लिखे युवाओं को उनका हक मिल सके ।
