जम्मू से लगती चम्बा सीमा पर चम्बा पुलिस सतर्क,जम्मू के पुंछ में हुए आतंकी हमले के बाद चंबा जिले की पुलिस हुई सतर्क

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चम्बा- भूषण गुरुंग

जम्मू के पुंछ में हुए आतंकी हमले के बाद चंबा जिले की पुलिस भी सतर्क हो गई है। जिले के साथ लगती जम्मू-कश्मीर की 216 किलोमीटर लंबी सीमा पर भी पुलिस का कड़ा पहरा बिठा दिया है। चंबा-जम्मू सीमा पर सेवा ब्रिज पर वाहनों की जांच के बाद ही आगे भेजा जा रहा है। सुरक्षाबलों को भी चौकसी बरतने को कहा गया है। सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त की जा रही है।

यह बात डीएसपी मुख्यालय चंबा अभिमन्यु वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कोई भी शरारती तत्व जिला चंबा में प्रवेश न कर पाए इसके लिए जम्मू-कश्मीर व पंजाब के साथ सटी जिला चंबा की प्रवेश सीमा पर मौजूद पुलिस बल को गश्त के साथ आने-जाने वालों पर पैनी निगाह रखने के साथ वाहनों की जांच करने के आदेश जारी कर दिए है। जम्मू के साथ सटे संसारी नाला, सेवा पुल व खुंडी मराल तथा पंजाब के साथ लगते तुनुहट्टी बैरियर पर गश्त तेज कर दी है। भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्रों में गश्त शुरू

मंडी संसदीय क्षेत्र के दायरे में आने वाले भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ने गश्त शुरू कर दी है। संसदीय उपचुनावी प्रक्रिया में कोई किसी प्रकार की बाधा पैदा न करे इसके लिए पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। पांगी व भरमौर में 120 सामान्य मतदान केंद्र हैं तो 27 संवेदनशील तथा नौ बाहरी (एक्सटर्नल) मतदान केंद्र हैं। यह सभी मतदान केंद्र पूरी तरह से संचार व्यवस्था से जुड़े रहेंगे। मतदान केंद्रों के साथ ईवीएम के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए केंद्र से केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग की गई है। राज्य सरकार से भी अतिरिक्त पुलिस जिला चंबा को मुहैया करवाने के लिए आग्रह किया गया है।
नजदीकी थानों में जमा करवाएं हथियार
डीएसपी चंबा ने बताया कि उपचुनाव के चलते जिला के सभी बंदूक लाइसेंस धारकों को नजदीकी थानों में अगले दो-तीन दिन में हथियार जमा कराने का समय दिया गया है। इसके बाद पुलिस को यह पता चला कि किसी ने हथियार जमा नहीं करवाया है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला में छह हजार 28 लोगों के पास लाइसेंस शुदा हथियार मौजूद है। आतंक से अछूता नहीं चंबा

 

-1993 में चंबा जिले के किहार क्षेत्र के गांव जलाड़ी में गुल मोहम्मद के घर पहली आतंकी घटना घटी थी। आतंकवादी दो लोगों को गोली मारकर भाग गए थे।

-पधरी जोत से दो चरवाहों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद चंबा पुलिस ने दो आतंकवादियों को मार गिराया।

-1995 में मनसा धार में दो पुलिस वालों को आतंकियों ने गोलियों से भून दिया।

-1996 में आतंकवादियों ने किहार सेक्टर में दो भेड़पालकों को लूटा था।

-1998 अगस्त में आतंकियों ने तीसा सेक्टर के खरेऊ बेही, कालाबन व सतरूंडी में 36 लोगों की हत्या कर दी थी।

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