हिमाचल में कांग्रेस की 10 गारंटियों की घोषणा के चार साल पूरे होने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘चतुर्वार्षिक श्राद्ध’ बताते हुए गारंटियों पर सवाल उठाए।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से 31 अगस्त 2022 को शिमला में 10 गारंटियों की घोषणा की गई थी। अब चार साल पूरे होने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस की गारंटियों पर तंज कसते हुए इसे ‘गारंटियों का चतुर्वार्षिक श्राद्ध’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले और सत्ता संभालने के बाद जनता से कई बड़े वादे किए, लेकिन चार साल बाद भी अधिकांश गारंटियां जमीन पर नजर नहीं आ रही हैं।
विधान सभा में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सुधीर शर्मा ने कहा कि 31 अगस्त 2022 को तत्कालीन छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिमला में कांग्रेस की 10 गारंटियों की घोषणा की थी। अब इन गारंटियों को चार साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि इन चार वर्षों में कितनी गारंटियां पूरी हुई हैं।
सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक युवाओं को उस अनुपात में रोजगार नहीं मिला। उन्होंने सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
आउटसोर्स भर्तियों पर भी उठाए सवाल
भाजपा विधायक ने आउटसोर्स भर्तियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में कितनी आउटसोर्स कंपनियां काम कर रही हैं और वे किसके नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन विधानसभा में पूछे गए सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।
सुधीर शर्मा ने आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पीजीआई में करीब 90 हजार रुपये के वेतन पर हिम केयर फैसिलिटेटर लगाए गए हैं, जबकि डॉक्टरों की भर्ती करीब 34 हजार रुपये के वेतन पर आउटसोर्स आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन के भीतर और बाहर जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवा रही है।
‘सदन में सवालों के जवाब नहीं मिल रहे’
सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा में उनके सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे। उन्होंने कहा कि कई बार सवाल डिलीट कर दिए जाते हैं या यह कह दिया जाता है कि सूचना एकत्रित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आरटीआई के जरिए जिन सवालों के जवाब मिल जाते हैं, उन्हीं सवालों के जवाब विधानसभा में नहीं मिल रहे हैं।
नैनो यूरिया मामले में SIT पर तंज
नैनो यूरिया को लेकर विधानसभा में उठे विवाद पर भी सुधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदन में आरोप लगाया गया कि बागवानों को नैनो यूरिया लेने के लिए कहा जा रहा है, जबकि बाद में सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जब यह स्पष्ट नहीं है कि बागवानों को नैनो यूरिया लेने के लिए कौन कह रहा है, तो मामले की जांच की मांग की गई है। इस पर तंज कसते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि SIT गठित करने में सरकार की विशेषज्ञता है, इसलिए इस मामले में भी एक SIT गठित कर देनी चाहिए।
राहुल गांधी के समर्थन में प्रदर्शन पर भी कसा तंज
राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी सुधीर शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदर्शन करने की आदत नहीं है और सत्ता में रहते हुए विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर सरकार ने एक साल पहले से विपक्ष में बैठने की प्रैक्टिस शुरू कर दी है।
सुधीर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष में बैठने के लिए विधायकों का होना जरूरी है और जनता कांग्रेस के विधायकों को विपक्ष के लायक भी नहीं छोड़ेगी। गौर रहे कि 2022 में कांग्रेस के टिकट पर ही सुधीर चुनाव लड़े औऱ जीते थे लेकिन बाद में सीएम से टकराव के चलते भाजपा में चले गए थे।

