मनाली की कबड्डी खिलाड़ी महिमा ठाकुर को हिमाचल सरकार ने शारीरिक शिक्षा शिक्षक की नौकरी दी है। अब वह युवा खिलाड़ियों को निखारने में अहम भूमिका निभाएंगी।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में मनाली के कन्याल गांव की होनहार बेटी महिमा ठाकुर ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अब खेल के मैदान में शानदार सफलता के बाद महिमा सरकारी सेवा के रूप में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नई पारी शुरू करने जा रही हैं। हिमाचल सरकार ने कबड्डी खिलाड़ी को सम्मान दिया है। सरकार ने उन्हें स्कूल में शारीरिक शिक्षा शिक्षक की नौकरी दी है।
10 साल की कड़ी तपस्या, 5 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल
करीब 10 वर्षों से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में कबड्डी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिमा ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। महिमा ने अब तक 5 स्वर्ण और 2 रजत पदक अपने नाम किए हैं, जो उनकी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है।
बतौर कोच भी दी सेवाएं
खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ महिमा ने बिलासपुर स्थित कबड्डी अकादमी में कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जहां उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अब नई जिम्मेदारी, युवाओं को करेंगी प्रेरित
अब महिमा ठाकुर का चयन मनाली में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी सेवा के लिए हुआ है। नई जिम्मेदारी के साथ महिमा आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
महिमा ठाकुर की इस उपलब्धि में उनके निरंतर प्रयास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की अहम भूमिका रही है। खेल के मैदान से लेकर प्रशिक्षक और अब शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी सेवा तक का उनका सफर क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
मेहनत, लगन और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल
इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, खेल प्रेमियों और परिजनों ने महिमा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। महिमा ठाकुर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।

