पंचायत चौकीदारों को बड़ी सौगात: पात्रता पूरी करने वालों को नियमित करेगी सरकार : मुख्यमंत्री

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हिमाचल के पंचायत चौकीदारों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ी घोषणा की है। सेवा की पात्रता पूरी कर चुके पंचायत चौकीदारों को सरकार नियमित करेगी। साथ ही मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है।

हिमखबर डेस्क

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चौकीदारों के हितों के संरक्षण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने सेवा की पात्रता पूरी कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित करने का निर्णय लिया है। पंचायत चौकीदार यूनियन द्वारा चौड़ा मैदान में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चौकीदारों की लंबित मांगों पर प्रदेश सरकार सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में पंचायत चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। 500 रुपये की वृद्धि के बाद अब पंचायत चौकीदारों को 9 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।

कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। राज्य की संपदा का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे, इसके लिए दूरगामी निर्णय लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नियमों और कानूनों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर बचाए 3 हजार करोड़

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल के जायज अधिकार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अपनी संपदा को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

ओपीएस को लेकर भाजपा पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) देने का निर्णय राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करने के मंसूबे बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं पर 80 रुपये, मक्की पर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार द्वारा गाय के दूध के लिए 61 रुपये तथा भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।

सम्मेलन में इंटक के उपाध्यक्ष पूर्ण चंद और पंचायत चौकीदार यूनियन (इंटक) के राज्य अध्यक्ष प्रेम वर्धन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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