हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद में भारी बारिश के बीच नाहन विकासखंड के बर्मा पापड़ी क्षेत्र में उफनती रूण नदी के बीच फंसे बुजुर्ग बनारसी दास और उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरे जलशक्ति विभाग के कर्मचारी अंशुल को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कई घंटों तक चले चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलिकॉप्टर की मदद से सफल रेस्क्यू किया गया। अंधेरा, तेज बहाव, लगातार बढ़ता जलस्तरऔर आसपास बिजली की तारों जैसी बाधाओं ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया था।
जमीन से दोनों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे कठिन हालात में भारतीय वायुसेना की टीम ने साहस और उच्च पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए हवाई रेस्क्यू को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आखिरकार कई घंटों की मशक्कत के बाद रात 9 बजे तक दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बनारसी दास तेज बहाव के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
तेज बहाव के कारण सामान्य तरीके से नदी में फंसे व्यक्ति तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा था। शुरुआती चरण में ड्रोन की सहायता से रस्सी पहुंचाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
इसी दौरान जलशक्ति विभाग में कार्यरत युवक अंशुल ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना वह नदी में उतरकर फंसे बुजुर्ग बनारसी दास तक पहुंच गए। हालांकि, तेज बहाव के कारण दोनों को सुरक्षित किनारे तक लाना संभव नहीं हो सका और अंशुल भी बुजुर्ग के साथ नदी के बीच फंस गए। इसके बाद दोनों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई।
जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, हालात और चुनौतीपूर्ण होते गए। हवाई रेस्क्यू के लिए सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह विधायक अजय सोलंकी द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से किया गया, जिसके बाद हेलिकॉप्टर के माध्यम से बचाव अभियान की व्यवस्था की गई।
करीब शाम 7:30 बजे भारतीय वायुसेना का हेलिकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा। अंधेरा बढ़ने और आसपास मौजूद बिजली की तारों जैसी चुनौतियों के बावजूद एयरक्रू ने बेहद सूझबूझ और पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए हवाई रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया। करीब रात साढ़े 8 बजे बनारसी दास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरे अंशुल को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
इस अभियान में जमीन पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और एनडीआरएफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा भी मौके पर मौजूद रहीं और बचाव अभियान की लगातार निगरानी करती रहीं। प्रशासनिक टीमों ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय किया।
इस दौरान हिमाचल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली और विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्य में जुटी भारतीय वायु सेना, प्रशासन और अन्य बचाव दलों की टीमों का हौसला बढ़ाया। बिंदल ने खास तौर पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कई घंटों तक उफनती नदी के बीच जिंदगी और मौत के बीच फंसे दोनों लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर रहा। जहां अंशुल के साहस और मानवता की सराहना हो रही है, वहीं बेहद कठिन परिस्थितियों में सफल हवाई रेस्क्यू को अंजाम देने वाली भारतीय वायुसेना, जिला प्रशासन और सभी बचाव दलों के जज्बे को भी सलाम किया जा रहा है।

