गगल एयरपोर्ट की तारबंदी का काम पूरा होने के बाद फोरलेन की एलाइनमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। सड़क की दिशा तय न होने से स्थानीय लोग नए घर बनाने को लेकर असमंजस में हैं।
हिमखबर डेस्क
पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना का सफर भले ही 80 फीसदी पूरा हो चुका है, लेकिन गगल एयरपोर्ट के पास आकर विकास के इस पहिए पर ब्रेक लग गया है। राजोल से आगे फोरलेन की दिशा एलाइनमेंट क्या होगी, यह अभी तक एक पहेली बना हुआ है।
एयरपोर्ट विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि की तारबंदी न होने के कारण यह पूरा पैच जस का तस पड़ा है। एलाइनमेंट तय न होने से जहां एक ओर काम रुका हुआ है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों में अपने भविष्य और नए आशियाने को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रभावित लोगों को मुआवजे का वितरण भी किया जा चुका है, लेकिन तारबंदी के अभाव में फोरलेन की एलाइनमेंट को अंतिम रूप देने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।
जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि सडक़ एयरपोर्ट के ऊपरी हिस्से से गुजरेगी या निचले हिस्से से, तब तक इस क्षेत्र में फोरलेन का काम आगे नहीं बढ़ सकता।
प्रशासन की इस अस्पष्टता का सबसे बड़ा खामियाजा वे परिवार भुगत रहे हैं, जिनकी जमीनें और पुराने घर एयरपोर्ट विस्तार की जद में आ चुके हैं। पुराने घर छोड़ चुके ये विस्थापित परिवार अब नया आशियाना बनाने से कतरा रहे हैं।

