‘जिदगी से तंग आ गई हूं, मुझे माफ करना मां, दिक्षु का ख्याल रखना’, मंडी में कांग्रेस की महिला नेता की वकील बेटी ने ली अपनी जान
हिमखबर डेस्क
“मैं अपनी ज़िंदगी से तंग आ चुकी हूँ, इसलिए सुसाइड कर रही हूँ। मुझे माफ़ करना माँ और छोटे भाई दिक्षु का ख्याल रखना।” यह दर्दभरे शब्द मरने से पहले एडवोकेट दिवांशु ठाकुर ने अपने सुसाइड नोट में लिखे और उसके बाद फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला का अंत कर दिया।
बता दें कि पधर बाजार में अपनी मां के साथ किराये के मकान में रह रही 29 वर्षीय युवा एडवोकेट दिवांशु ठाकुर ने बुधवार शाम फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय युवती क्वार्टर में अकेली थी। उसकी मां किसी काम से बाजार गई हुई थी।
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर भोजन के बाद मां-बेटी क्वार्टर में आराम कर रही थीं। करीब तीन बजे मां अपनी बेटी को बताकर किसी काम से बाजार चली गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब वह वापस क्वार्टर पहुंची तो बेटी को पंखे से फंदे पर लटका हुआ पाया। परिजनों ने फंदा काटकर युवती को नीचे उतारा और उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पधर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान दिवांशु ठाकुर पुत्री कपूर चंद, गांव बीर धीयूं तुंगल, तहसील सदर, जिला मंडी के रूप में हुई है। दिवांशु ठाकुर ने चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई की थी और वह एडवोकेट के रूप में प्रैक्टिस कर रही थी। उनकी माता वंदना ठाकुर द्रंग ब्लॉक कांग्रेस की सचिव हैं। खुद दिवांशु भी एनएसयूआई के साथ जुड़ी रही थी। वंदना ठाकुर का मायका कुन्नू के साहल गांव में है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। पुलिस को दिए बयान में मृतका की माता वंदना ठाकुर ने बताया कि उनकी बेटी कुछ समय से डिप्रेशन की दवा ले रही थी और अस्वस्थ चल रही थी।
पधर पुलिस ने मृतका की माता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को मंडी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जहां मंडी बाजार स्थित हनुमान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
डीएसपी पधर लोकेंद्र नेगी के बोल
डीएसपी पधर लोकेंद्र नेगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। थाना प्रभारी पधर अनिल कटोच ने बताया कि मृतका की माता के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है।

