सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की नाहन तहसील के त्रिलोकपुर की बेटी अमिता सिंह गुर्जर सुपुत्री ज्वाला सिंह गुर्जर ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर शानदार उपलब्धि हासिल की है।
अमिता का चयन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) में उप निदेशक/वैज्ञानिक (ग्रुप-A राजपत्रित अधिकारी) के पद पर हुआ है।
उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ त्रिलोकपुर गांव और पूरे सिरमौर जिले में खुशी का माहौल है। अमिता सिंह शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने 10वीं और 12वीं की शिक्षा CBSE बोर्ड, पंजाब से पूरी की। इसके बाद उन्होंने NIT कुरुक्षेत्र से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU), नई दिल्ली से M.Tech (CSE) किया। शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 2018 से 2026 तक अमिता ने सेंट्रल दिल्ली स्थित भारत सरकार के एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में प्रबंधक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान उन्होंने अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ उच्च पद हासिल करने के लक्ष्य की तैयारी जारी रखी।
अमिता की पारिवारिक पृष्ठभूमि गांव की जड़ों से जुड़ी हुई है। उनके पिता ज्वाला सिंह पंजाब के संगरूर में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा-दादी त्रिलोकपुर में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। अमिता का विवाह पिंजौर में हुआ है और वर्तमान में वह दिल्ली में रह रही हैं। उनके पति एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
खास बात यह है कि अमिता ढाई साल की बेटी की मां होने के साथ-साथ PSU में प्रबंधक की जिम्मेदारियां भी संभाल रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित ग्रुप-A पद की परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के सामने जिम्मेदारियां बाधा नहीं बनतीं।
अपनी सफलता का श्रेय अमिता ने अपने गुरुजनों, माता-पिता और दादा-दादी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन को दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि त्रिलोकपुर और सिरमौर जिले को भी गौरवान्वित किया है।
अमिता सिंह गुर्जर की सफलता उन युवाओं और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो शिक्षा, नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

