हिमाचल में HRTC बस 200 मीटर गहरी खाई के ऊपर खतरनाक स्थिति में अटक गई। बस में स्कूली छात्रों समेत करीब 40 यात्री सवार थे, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एचआरटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। भगेड़-पनौल मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास परिवहन निगम की एक बस गहरी खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। हादसे के वक्त बस में स्कूली बच्चे, कॉलेज के छात्र और रोजाना दफ्तर व अन्य कार्य से जाने वाले यात्री सवार थे।
संकट के उस भयावह क्षण में जब सांसें थम सी गई थीं, तब सड़क किनारे बने एक छोटे से ‘पैरापिट’ ने सुरक्षा कवच बनकर दर्जनों परिवारों की खुशियां उजड़ने से बचा लीं। बस में करीब 40 यात्री सवार थे।
रोजमर्रा की तरह हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस जबलू से घुमारवीं के लिए रवाना हुई थी। सुबह का समय होने के कारण बस यात्रियों से पूरी तरह पैक थी। भविष्य के सपने आंखों में संजोए शिक्षण संस्थानों की ओर जा रहे मासूम बच्चे और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने निकले नौकरीपेशा लोग इसमें सवार थे।
जैसे ही बस भगेड़-पनौल मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पहुंची, सामने से आ रही एक निजी बस से उसकी हल्की सी टक्कर हो गई। टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर निगम की बस सड़क से बाहर चली गई और उसका आधा हिस्सा हवा में लटक गया। चीख-पुकार के बीच बस सड़क किनारे बने पैरापिट पर जाकर अटक गई।
यदि यह पैरापिट न होता, तो बस 200 मीटर गहरी खाई में समा सकती थी। इतना ही नहीं, महज 20 मीटर नीचे ही विद्युत बोर्ड की हाई-टेंशन (HT) लाइन गुजर रही थी। अगर बस थोड़ी और नीचे गिरती, तो करंट का बड़ा खतरा बन सकता था।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जल्द ही राहत की सांस ली गई जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। तुरंत सभी यात्री सुरक्षित बाहर आ गए।

