हिमख़बर डेस्क
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग में इस वित्त वर्ष करीब 4,000 पदों पर भर्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त मैनपावर के बिना कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती। इसलिए सरकार विभाग को सुदृढ़ बनाने के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है।
उपमुख्यमंत्री शनिवार को हरोली के पालकवाह ऑडिटोरियम में जल शक्ति विभाग, हमीरपुर जोन की ओर से आयोजित जलापूर्ति एवं सिंचाई योजनाओं के संचालन, रखरखाव एवं जल गुणवत्ता निगरानी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने विभाग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने नव नियुक्त पैरा पंप ऑपरेटरों, पैरा फिटरों, मल्टीपरपज वर्कर्स तथा वाटर गार्ड्स को विभाग का ध्वजवाहक बताते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि उनका भविष्य उज्ज्वल है और उन्हें धैर्य के साथ कार्य करते रहना चाहिए। यह 58 वर्ष तक पेंशन लाभ वाली नौकरी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन कर्मचारियों के हित से जुड़े निर्णायक फैसले लिए जाएंगे।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने और जल शुद्धिकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जाएगी।
योजना के तहत आधुनिक तकनीक आधारित जल शुद्धिकरण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा तथा जलजनित बीमारियों में भी कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग इस योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिले की फिना सिंह सिंचाई परियोजना को पूरा करने के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल शक्ति विभाग की करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त 36 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी।

