हिमखबर डेस्क
कांगड़ा जिला के 847 प्रधानों-उपप्रधानों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को पद एवं गोपनीयिता की शपथ दिलाई। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पशुपालकों के हित के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
सरकार पशुपालकों को दूध के बढिय़ा दाम दे रही है। प्राकृति खेती से तैयार गेहूं को 80 रुपए और मक्की को 40 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से खरीद रही है, ताकि प्रदेश के किसानों को फायदा हो सके। मुख्यमंत्रभ् ने कहा कि विपक्ष ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव पांच महीने लेट हो गए।
इस पर खूब हो हल्ला किया। चुनाव दिसंबर में होने चाहिए थे, लेकिन सरकार की मंशा चुनाव लेट करने की जरा भी नहीं थी। क्योंकि दिसंबर में चुनाव होते तो कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती।
दिसंबर में जनजातीय क्षेत्रों में बर्फ पड़ जाती है और वहां चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत आती है। चूंकि चुनावों में शिक्षकों की ड्यूटी लगी होती है और दिसंबर में स्कूली बच्चों की पढ़ाई का दौर चरम पर होता है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी में तैनात शिक्षक बच्चों को कैसे पढ़ाते, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए चुनाव पांच महीने देरी से करवाए।
सीएम ने कहा कि युवाओं को चिट्टे की लत से बचाने के लिए सरकार ने एंटी चिट्टा अभियान चलाया। पूर्व सरकार ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ कानून नहीं बनाया। हमारी सरकार बनते ही कानून लेकर आए और चिट्टा बेचने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
उन्होंने उपस्थित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों से अनुरोध किया कि बे अपनी पंचायतों को चिटटा मुक्त बनाएं। हमारा मकसद चिट्टा नशा करने वालों को जेल पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की मुख्य धारा में लाना है।
अगर प्रधानों और उपप्रधानों को पंचायत में कोई िचिट्टा बेचने या नशा करने वाला मिलता है, तो वे तुरंत 112 पर फोन करें, क्योंकि पंचायतों के सहयोग से ही हिमाचल को चिट्टा मुक्त किया जा सकता है।

